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Faridabad News: मिर्जापुर एसटीपी को शहर की मुख्य लाइन से जोड़ने के लिए दोबारा होगा टेंडर

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अमर उजाला ब्यूरो
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फरीदाबाद। मिर्जापुर सीवर शोधन संयंत्र (एसटीपी) को शहर की मुख्य सीवर लाइन से जोड़ने के लिए दोबारा टेंडर जारी होगा। इसके लिए नए सिरे से एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। परियोजना की लागत बढ़ने से ठेकेदार ने काम करने से मना कर दिया। अभी पांच किलोमीटर लाइन डाली जानी है।
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नगर निगम के मुख्य अभियंता बीके कर्दम ने बताया कि मिर्जापुर और प्रतापगढ़ संयंत्र पर काम साल 2019 में शुरू हुआ था। इस दौरान मिर्जापुर एसटीपी की मेन सीवर लाइन को जोड़ने का काम अधूरा रह गया था। कर्दम ने बताया कि यूपी वन विभाग की जमीन होने के कारण तीन साल से करीब पांच किलोमीटर के क्षेत्र में लाइन डालने का काम रुका हुआ है। मुख्य अभियंता ने बताया कि ठेकेदार की दलील है कि अब निर्माण सामग्री के रेट बढ़ गए हैं, ऐसे में बचे काम को उतनी राशि में करना संभव नहीं है। इसलिए अधूरी सीवर लाइन डालने के कार्य के लिए नया टेंडर जारी होगा। अधिकारी ने बताया कि बचे कार्य को पूरा करने में अभी पांच-छह माह लग सकते हैं। कर्दम ने बताया कि यूपी वन विभाग को 1.39 करोड़ रुपये दे दिए हैं। कार्य करने के लिए यूपी वन विभाग ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। संयंत्र शुरू होने से ओल्ड फरीदाबाद समेत कई सेक्टरों के करीब तीन लाख लोगों को सीवर समस्या से राहत मिलेगी। दूसरी ओर दो दिन पहले मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (शहरी विकास) डीएस ढेसी ने मिर्जापुर संयंत्र का दौरा किया था। उन्होंने एसटीपी के निर्माण कार्य की जानकारी ली थी। इस मौके पर मुख्य अभियंता बीके कर्दम और कार्यकारी अभियंता नितिन कादियान समेत अन्य लोग मौजूद रहे थे। बता दें कि नगर निगम मिर्जापुर (80 एमएलडी) और प्रतापगढ़ गांव (100 एमएलडी) में सीवर शोधन संयंत्र (एसटीपी) बनवा रहा है। प्रतापगढ़ एसटीपी को मेन सीवर लाइन से जोड़ा जा चुका है। अभी मिर्जापुर संयंत्र को मेन सीवर लाइन से नहीं जोड़ा गया है। मिर्जापुर संयंत्र में खेड़ी से मिर्जापुर गांव तक करीब नौ किलोमीटर मेन लाइन डाली जानी है। इसमें करीब चार किलोमीटर लाइन डाली जा चुकी है। आगरा नहर के साथ कुछ जमीन यूपी वन विभाग नोएडा (गौतम बुद्ध नगर) व सिंचाई विभाग यूपी की है। निगम ने जुलाई 2019 में सिंचाई विभाग यूपी को करीब पांच करोड़ जमा करा दिया था। इसके बाद विभाग नेे एनओसी दे दी थी। जब नगर निगम ने इस पर काम शुरू किया तो यूपी वन विभाग ने एनओसी लेने की बात कर कार्य को रुकवा दिया, तभी से काम रुका हुआ है।
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