फरीदाबाद (कैलाश गठवाल )। साल 2005 में झज्जर थाने में दर्ज हुए हिरण के शिकार मामले में अभिनेत्री सोहा अली खान ने शिकार में इस्तेमाल राइफल लेने से इनकार कर दिया है। अभिनेत्री ने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में ये जानकारी दी। इसी केस में दूसरे आरोपी शशि ने अपनी राइफल अदालत से ले ली है। इस केस में दो राइफल और एक गाड़ी पुलिस ने जब्त की थी।
गाड़ी पहले ही केस प्रॉपर्टी से छुड़वा ली गई थी। अब इस केस में आखिरी बची राइफल थाने के मालखाने में ही जमा रहेगी, जब तक इस पर परिवार की तरफ से कोई दावा नहीं करता।
वरिष्ठ अधिवक्ता अनवर खान और रविंद्र नागर ने बताया कि साल 2005 में झज्जर थाने में नवाब पटौदी मंसूर अली खान, शशि कुमार और मदन सिंह सहित सात लोगों के खिलाफ काले हिरण के शिकार करने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। फरीदाबाद पर्यावरण अदालत में मुकदमे की सुनवाई हुई थी। मंसूर अली खान के निधन के बाद पर्यावरण अदालत ने सभी को दोषी मानते हुए सजा सुना दी थी। हालांकि बाद में सेशन कोर्ट से न्यायाधीश विरेंद्र सिंह की अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था। तभी से दोनों राइफल केस प्रॉपर्टी के रूप में जमा थी।
लाखों में है स्पेन मेड राइफल की कीमत
पुलिस ने जिन दो राइफलों को जब्त किया था उनमें से एक शशि कुमार और दूसरी सैफ अली खान की बहन सोहा अली खान के नाम पर है। स्पेन में बनी इन राइफलों की कीमत लाखों में है। 80 के दशक में खरीदी एक राइफल की कीमत ढाई लाख रुपये थी। जानकारों के मुताबिक नवाब खानदान से नाम जुड़ा होने के कारण अब इसकी कीमत कई लाख हो गई है। राइफल डबल बैरल की है। अधिवक्ता अनवर खान के मुताबिक सोहा अली खान की तरफ से अधिवक्ता खलील उल्लाह ने अदालत में जानकारी दी कि सोहा अली खान इस राइफल को नहीं लेना चाहती।
कहीं लाइसेंस तो नहीं है राइफल छोड़ने की वजह
सूत्रों के मुताबिक सोहा अली खान का आर्म्स लाइसेंस बनवाने में कागजों में छेड़छाड़ की गई थी। सोहा की असल उम्र के मुकाबले उसका लाइसेंस दिल्ली से कम उम्र में ही जारी कर दिया गया था। राइफल लेने के लिए लाइसेंस दिखाना आवश्यक है। झज्जर पुलिस ने अदालत से शशि कुमार को राइफल नहीं देने की गुहार लगाई थी। पुलिस ने अदालत में दस्तावेज पेश किया कि राइफल पर कोई नंबर नहीं हैं, जिन्हें शशि कुमार के लाइसेंस से मिलान कर साबित हो सके कि ये शशि कुमार की है। इस पर सीमा दलाल की अदालत ने कहा शशि ने व्यक्तिगत रूप से पहचान की है, इसलिए अदालत केस प्रॉपर्टी से राइफल को बाहर कर रही है। शशि कुमार का लाइसेंस साल 2008 के बाद रिन्यू नहीं हुआ है। संवाद