पहले भी हो चुका था हादसा
साल 2020 में बड़खल फ्लाईओवर पर स्कूल के बच्चों को छोड़कर लौट रही एक स्कूल बस में अचानक आग लग गई। जिस समय बस में आग लगी उस वक्त चालक और हेल्पर बस में मौजूद थे। दोनों ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को सड़क किनारे लगाया और बस से निकलकर अपनी जान बचाई। वहीं हादसे का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
सुरक्षा उपकरण नहीं होने पर 167 स्कूली बसों के चालान
फरीदाबाद पुलिस ने सुरक्षित वाहन पॉलिसी के तहत सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर 10 अगस्त को 167 स्कूल की बसों में छात्रों को ले जा रहे वाहन चालकों के चालान काटे गए। इसके अलावा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 1739 वाहन चालकों के चालान भी काटे गए हैं और उनको सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक भी किया गया है।
इन बातों का रखें खास ध्यान
1. स्कूल बस पीले रंग के पेट की हुई हो जिस पर खिड़की से 178 मिलीमीटर नीचे 254 मिलीमीटर की गहरे नीले रंग की पट्टी हो।
2. बस के आगे सफेद, पीछे लाल और साइड में पीली रिफ्लेक्टिव टेप लगी हो जिसकी चौड़ाई कम से कम 50 मिलीमीटर हो।
3. बस की स्पीड शहर के किसी भी एरिया में 50 किलोमीटर/घंटा से अधिक न हो।
4. स्कूल के आगे व पीछे स्कूल बस लिखा हो और यदि बस बाहर से हायर की गई हो तो उस पर ,ऑन स्कूल ड्यूटी, साफ-साफ लिखा हो।
5. स्कूल बस प्रॉपर मेंटेन हो और उस पर प्रशिक्षित ड्राइवर व कंडक्टर तैनात किए गए हो।
6. बस चलाने का परमिट या परमिशन ली हुई हो।
7. बस के ड्राइवर के पास कम से कम 5 साल का अनुभव हो।
8. बस ड्राइवर का 3 बार से अधिक चालान न कटा हो और उसके 5 साल के अनुभव के दौरान वह भारतीय दंड संहिता की धारा 279, 336, 337, 338, 304 ए का अपराधी ना रहा हो।
9. यदि बस में लड़कियां सफर कर रही हो तो उसके लिए महिला कंडक्टर होनी चाहिए।
10. स्कूल या शैक्षणिक संस्थान के पास स्कूल की बाउंड्री के अंदर पार्किंग स्थान अवश्य होना चाहिए ताकि बच्चों को स्कूल के अंदर उतारा जा सके ताकि वह सड़क दुर्घटना का शिकार होने से बच सकें।