फरीदाबाद। शहर में चल रहे ओयो होटलों पर अब दमकल विभाग नकेल कसने की तैयारी में है। विभाग ने इसकी शुरुआत कर दी है। कर्मचारी आग से निपटने के सुरक्षा संबंधी उपकरणों की समीक्षा कर रहे हैं।
जिला अग्निशमक अधिकारी सत्यवान समरीवाल ने बताया कि शहर में बड़ी संख्या में ओयो होटल खुले हुए हैं। जो सुरक्षा के लिहाज से मानकों को पूरा नहीं कर रहे उन पर नकेल कसने की तैयारी की जा रही है। ज्यादातर होटल रिहायशी इलाके में हैं। उन्हें नोटिस दिए जाएंगे ये नियमों के विपरीत चल रहे हैं। आग से सुरक्षा को लेकर प्रशासन काफी गंभीर है। इसका मुद्दा कष्ट निवारण समिति के सामने भी उठ चुका है। रिहायशी इलाके में बनी इमारतें कम लोगों के रहने के हिसाब से बनी होती हैं। मोटी कमाई के लालच में लोग उन्हें होटल संचालकों को किराए पर दे देते हैं। इसके बाद उनमें आवश्यकता से अधिक लोग रहने लगते हैं। ऐसे में आगजनी हुई तो बड़ी जनहानि हो सकती है। वाणिज्य इलाके में खुले ओयो होटल भी फायर नियमों को पूरा नहीं कर रहे। उनकी भी समीक्षा की जा रही है।
किन मानकों की हो रही जांच
सत्यवान मरीवाल का कहना है कि होटल इमारत में मुख्य प्रवेश द्वार के अलावा एक आपातकालीन द्वार भी होना चाहिए। प्रत्येक फ्लोर पर गैलरी में जाने के लिए गेट होना अनिवार्य है। सभी फ्लोर पर अग्निशमक यंत्र लगे हों। इमारत की छत पर पानी की टंकी होनी चाहिए, जिससे सभी फ्लोर पर आसानी से पानी पाइप सहारे पानी ले जाने की व्यवस्था हो। होटल कमरों के बीच बनी गैलरी संकरी नहीं होनी चाहिए। जिन इमारतों को नियमों के विरुद्ध चलाया जा रहा है और वे सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हैं।