बल्लभगढ़। गांव अरूआ में 30 सितंबर को लाल डोरा क्षेत्र में बने अवैध निर्माणों की तोड़फोड़ की जानी थी लेकिन, पुलिस बल नहीं मिलने की वजह से तोड़फोड़ नहीं हो पाई। शुक्रवार को गांववासियों के द्वारा जिला उपायुक्त जितेंद्र यादव के पास अपील लगाई गई है जिसके आधार पर अभी तोड़फोड़ को 11 तक के लिए रोक दिया गया है।
गांववासियों से मिली जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार को लोग विधायक राजेश नागर से तोड़फोड़ को लेकर मिले थे लेकिन, उनकी ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला। जिसके चलते उनके द्वारा शुक्रवार को डीसी जितेंद्र यादव के पास अपील की गई है कि तोड़फोड़ को रोकें। जिसके बाद डीसी द्वारा बीडीपीओ प्रदीप व एसडीएम त्रिलोक को आदेश दिए है कि गांव अरूआ व गांव साहुपुरा खादर की रिपोर्ट को तैयार करके 11 अक्तूब तक दें।
उसके बाद से गांववासियों ने राहत की सांस ली क्योंकि उनको कुछ दिन की मोहलत मिल गई है। बीडीपीओ प्रदीप का कहना है कि गांववासियों के द्वारा अपील की गई है। उसके आदेश आने के बाद भी तोड़फोड़ का फैसला लिया जाएगा। उसके लिए अभी इंतजार करने के आदेश दिए गए है। स्थानीय निवासी अरूण ने बताया कि अगर तोड़फोड़ की प्रक्रिया को रोक नहीं जाएगा तो वह सभी हाई कोर्ट का सहारा लेंगे।
1965 में यमुना नदी में बाढ़ आई थी। उस समय यह गांव पानी में डूब गया। इस पर तत्कालीन उपायुक्त ने गांववासियों से कहा था कि पंचायती जमीन पर जाकर बस जाए। उस समय गांव की आबादी 800 थी। लेकिन, अब यह संख्या आठ हजार तक पहुंच गई है। आज गांव अरूआ एक स्मार्ट विलेज है।