कानूनगो ने भी मांगों का समर्थन किया, 25 तक जारी रहेगा आंदोलन
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नए राजस्व पोर्टल में लगातार आ रही तकनीकी खामियों और धीमे सर्वर के विरोध में शुक्रवार को पटवारियों ने धरना दिया। पटवारियों ने सेक्टर-12 स्थित टाउन पार्क में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ रोष जताया। पटवारियों ने आंदोलन 25 अगस्त तक जारी रखने का निर्णण लिया है। कानूनगो ने भी पटवारियों की मांगों का समर्थन किया है।
पटवारियों ने सुबह करीब 10 बजे पटवार घरों में तालाबंदी की और इसके बाद टाउन पार्क पहुंचकर धरना दिया। कर्मचारियों का कहना है कि जमाबंदी और इंतकाल के काम के लिए शुरू किए गए नए पोर्टल में लगातार तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं। सर्वर धीमा होने के कारण ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने में काफी समय लग रहा है। इससे राजस्व कर्मचारियों के साथ जमीन-जायदाद से जुड़े काम कराने के लिए तहसील कार्यालय पहुंचने वाले आम लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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पटवारी एसोसिएशन के प्रधान पविंदर ने कहा कि पोर्टल की तकनीकी समस्याएं दूर किए बिना इंतकाल का काम दोबारा शुरू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इससे कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि जब तक पोर्टल को पूरी तरह दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक राजस्व संबंधी कार्य सुचारु रूप से करना मुश्किल है। एसोसिएशन ने उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान कराने और सर्वर की क्षमता बढ़ाने की मांग की है। एसोसिएशन के प्रदेश सचिव मदन कुमार ने डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम अन्य प्रदेशों की तर्ज पर निजी कंपनी से कराने की भी मांग की है। उन्होंने बताया कि सरकार को तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान कर राजस्व विभाग का कामकाज सामान्य कराना चाहिए।
पटवारियों ने पटवार घर पर ताला जड़ दिया है। इसके कारण आम लोगों के अलावा प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े लोगों को भी परेशानी हो रही है। धरने के कारण तहसील कार्यालय पहुंचने वाले कई लोगों को बिना काम पूरा कराए वापस लौटना पड़ा। लोगों का कहना है कि पोर्टल की समस्या के कारण उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ऐसे में पोर्टल में तकनीकी समस्या आने से बड़ी संख्या में लोगों के काम प्रभावित हो रहे हैं। गौरतलब है कि जिले में रोजाना करीब 500 टोकन जारी होते हैं। इनके आधार पर लोग जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पहुंचते हैं। रोजाना करोड़ों रुपये की संपत्तियों की रजिस्ट्रियां होती हैं।