संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने घोषणा की है कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में अब कुलपति की जगह कुलगुरु का उपयोग किया जाएगा। यह निर्णय जेसी बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यशाला के दौरान लिया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप अवसरों को बढ़ावा देना था।
इस बदलाव का प्रस्ताव भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल भारतीय महामंत्री सुनील शर्मा ने किया था। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस संबंध में राज्य सरकार अधिनियम में आवश्यक संशोधन लाएगी। इस पहल का उद्देश्य विश्वविद्यालयों में अधिक समावेशी और सांस्कृतिक रूप से उपयुक्त भाषा का उपयोग करना है। इससे पहले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने भी कुलपति की जगह कुलगुरु का उपयोग करने का निर्णय लिया था। यह परिवर्तन मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में पहले से ही लागू किया जा चुका है।