फरीदाबाद। अरावली वन क्षेत्र में नगर निगम की पांच एकड़ जमीन पर अवैध रूप से जमाई कॉलोनी बनी है। इस पर दो से तीन दिन में बुल्डोजर चलाने की तैयारी की गई है। सैनिक कॉलोनी स्थित टी पॉइंट के पास पहाड़ पर बसी है। यहां रहने वालों को घर खाली करने के नोटिस भेज दिए गए हैं।
गुरुग्राम रोड पर नगर निगम की करीब पांच एकड़ जमीन पर जमाई कॉलोनी एक पूर्व मंत्री के संरक्षण और नगर निगम अधिकारियों की मेहरबानी से बसाई गई थी। यहां विभिन्न राज्यों से आए चार पांच मजदूर झुग्गी डालकर रहने लगे थे, जो पहाड़ों में पत्थरों की खुदाई आदि करते थे। इसके बाद कुछ सालों में धीरे-धीरे यहां पूरी कॉलोनी ही बस गई। लोगों का आरोप है कि इसे बसाने में निगम अधिकारियों और कर्मचारियों ने खूब अपनी जेब गरम की है लेकिन सरकार द्वारा ऐसे अधिकारियों व कर्मचारियों पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनकी मांग है कि सबसे पहले अवैध कॉलोनी बसने से न रोकने वाले जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई की जाए, गरीबों के घरों को न उजाड़ा जाए।
लोगों ने बताया कि फरीदाबाद में नगर निगम की जमीन व वन क्षेत्र में जितने भी अवैध निर्माण व कब्जे हुए हैं उसमेें निगम कर्मियों की भूमिका सवालों के घेरे में रही है। लोगों ने निगम की पांच एकड़ जमीन पर कब्जा कर मकान बना लिए लेकिन रोका नहीं गया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 32 दिनों तक अभियान चलाकर खोरी गांव को निगम ने साफ कर दिया गया। इसके बाद अब जमाई कॉलोनी को साफ करने की तैयारी है। क्योंकि 23 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा है कि पूरे फरीदाबाद में अरावली वन क्षेत्र और पीएलपीए नोटिफाइड एरिया में बने सभी प्रकार के निर्माण तोड़े जाएं। कोर्ट के आदेश पर नगर निगम और वन विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अभी फार्म हाउस को तोड़ने में लगा है।
इसके बाद जमाई कॉलोनी में छोटे-छोटे पांच सौ मकान बने हैं। नगर निगम ने दो साल पहले भी इस कॉलोनी को तोड़ने का प्रयास किया था लेकिन उस समय कुछ ही मकानों को तोड़कर खानापूर्ति की गई थी। निगम कमिश्नर यशपाल यादव का कहना है कि जमाई कॉलोनी को हटाने के लिए नोटिस चस्पा कर दिया गया है।