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खोरी गांव: चाहे कुछ भी हो जाए, नहीं छोड़ेंगे अपनी जमीन

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फरीदाबाद। अरावली वन क्षेत्र स्थित खोरी गांव में लोग मकान टूटने के बाद अब टेंट लगाकर रह रहे हैं। उनका कहना है कि चाहे जो हो, खोरी गांव की जगह को नहीं छोड़ेंगे। चाहे नगर निगम मलबा क्यों न उठा कर ले जाए। कई परिवार तो टूटे मकान का मलबा बेचकर घर का खर्च चला रहे हैं।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने अरावली में बसे खोरी गांव में बनाए गए अवैध निर्माणों की तोड़फोड़ की थी। इससे हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। अभी भी काफी संख्या में लोग घर टूटने के बाद मौके पर ही टेंट लगाकर रह रहे हैं। विस्थापितों का कहना है कि मकान टूटने के बाद से उनके ऊपर आफत सी आ गई है। एक ओर सिर से छत छीन गई, तो दूसरी ओर रोजगार की मार झेल रहे हैं। उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। लिहाजा अपने टूटे मकानों से ईंट व मलबा बेचकर घर का खर्च चलाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि सरकार का फ्लैट देने का वादा भी पूरा नहीं हुआ है। कइयों के तो फार्म भी नहीं लिए जा रहे हैं।
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लोगों ने सुनाया अपना दर्द
हम खोरी से नहीं जाएंगे। नगर निगम चाहे मलबा उठाए या कुछ करे। झुग्गी डालकर यहीं पड़े रहेंगे। कई परिवार बारिश में भी टेंट लगाकर जीवन यापन कर रहे हैं।
- हरली, खोरी गांव।
पता नहीं कहां जाएंगे। अभी तो यहीं झुग्गी डालकर रह रहे हैं। घर और रोजगार नहीं है। ऐसे में ईंट बेचकर गुजारा कर रहे हैं।
- प्रदीप कुमार, खोरी गांव
अभी तक नगर निगम की ओर से मलबा उठाने कोई नहीं आया है। निगम मलबे को उठाता है और बेचता है तो पैसों की भी मांग करेंगे।
- अशोक, खोरी गांव
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