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निकिता तोमर हत्याकांड : तौफीक और रेहान को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

Fri, 26 Mar 2021 04:22 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद

सार

- सिंगल बुलेट फायर में ही हो गई थी निकिता की हत्या 
- फरीदाबाद की फास्टट्रैक कोर्ट ने सुनाई दोनों को सजा
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निकिता तोमर हत्याकांड में कोर्ट ने दोषियों को सुनाई उम्र कैद की सजा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बहुचर्चित निकिता तोमर हत्याकांड में शुक्रवार शाम चार बजकर एक मिनट पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरताज बसवाना ने दो दोषियों तौसीफ और रेहान को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने बुधवार को इन्हें दोषी करार देते हुए सजा पर फैसला 26 मार्च के लिए सुरक्षित रख लिया था, जबकि इन्हें हथियार उपलब्ध करवाने वाले तीसरे आरोपी अजहरुद्दीन को बरी कर दिया था। घटना के ठीक पांच माह बाद अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया है। जिले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में इतने कम समय से निपटने वाला यह पहला मामला है।

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सुबह ग्यारह बजे दोषी तौसीफ और रेहान को कोर्ट में लाया गया। इसके बाद दोनों पक्षों की तरफ से छह अधिवक्ताओं ने करीब आधे घंटे तक सजा पर बहस की। अभियोजन पक्ष ने कहा कि कॉलेज के सामने दिनदहाड़े निकिता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, इसलिए इसे रेयरेस्ट ऑफ द रेयर माना जाए और दोषियों को फांसी की सजा दी जाए।

बचाव पक्ष ने वारदात को सिंगल बुलेट फायर में नॉन वाइटल पार्ट पर इंजरी (शरीर का गैर महत्वपूर्ण हिस्सा) बताकर सामान्य घटना करार दिया। बचाव पक्ष ने लगभग 12 ऐसे मामलों का जिक्र करते हुए इस केस को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर श्रेणी में नहीं रखने की अपील अदालत से की। इसके साथ ही तौसीफ और रेहना के गैर क्रिमिनल बैकग्राउंड का हवाला देते हुए उन्हें फांसी की सजा नहीं देने का आग्रह किया।
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सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा
दोनों पक्षों के वकीलों की सुनवाई और जिरह के बाद न्यायाधीश सरताज बसवाना ने दोपहर साढ़े तीन बजे तक कार्यवाही स्थगित कर दी। दोपहर करीब तीन बजे लोग कोर्ट रूम के बाहर जमा होने शुरू हो गए। इनमें तौसीफ फूफी, बहन असमीना व कुछ अन्य रिश्तेदार भी थे। वहीं, अभियोजन पक्ष की ओर से निकिता के मामा ऐदल सिंह रावत, पिता मूलचंद तोमर व अन्य लोग मौजूद रहे। हालांकि न्यायाधीश ने फैसले के लिए बाद में दोपहर साढ़े तीन बजे का समय बदलकर शाम चार बजे रख दिया। इसके एक मिनट बाद दोषी तौसीफ और रेहान को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुना दी।

किन-किन धाराओं में कितनी सजा
दोषी तौसीफ को धारा 302 व 34 के तहत उम्रकैद तथा बीस हजार रुपये जुर्माना, धारा 366 व 511 में पांच साल कैद व दो हजार जुर्माना, धारा 27 आर्म्स एक्ट में चार साल कैद व दो हजार जुर्माना, धारा 120 बी में पांच वर्ष कैद के साथ दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। उसके साथी रेहान को 27 आर्म्स एक्ट के अलावा बाकी सभी धाराओं में तौसीफ के बराबर का दोषी मानते हुए उम्रकैद व 26 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।

क्या था मामला
गत वर्ष 26 अक्तूबर को निकिता को उस समय गोली मार दी गई थी, जब वह परीक्षा देकर बल्लभगढ़ के अग्रवाल कॉलेज से निकल रही थी। तौसीफ और रेहान ने निकिता को जबरन कार में अगवा करने का प्रयास किया, उसके विरोध करने पर तौसीफ ने उसे सरेआम गोली मार दी थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रात को ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। निकिता का परिवार बल्लभगढ़ में सोहना रोड पर अपना घर सोसायटी में रहता है, जबकि मूलत: हापुड़ (यूपी) के पिलखुआ का निवासी है।

 लोगों से खचाखच भरा रहा कोर्ट परिसर
दोषियों को सजा पर सभी की निगाहें टिकी हुईं थी। सुबह से ही फास्ट ट्रैक कोर्ट परिसर लोगों से खचाखच भर गया था। दोनों पक्षों के वकीलों के अलावा ऐसे लोग भी कोर्ट परिसर में मौजूद थे जो केवल यह जानना चाहते थे कि आखिर कोर्ट का फैसला क्या रहा। इसके लिए लोग तीन बार न्यायाधीश सरताज बसवाना के जजमेंट रूम के बाहर जमा हुए।

घटना दुखद थी। दोनों बच्चों में स्कूल के समय से दोस्ती थी। अचानक जो भी हुआ, नहीं होना चाहिए था। अदालत का फैसला आ चुका है, इसलिए अब कुछ नहीं कहना। हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
- ज्योत्सना, दोषी तौसीफ की बुआ

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