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मॉडल संस्कृति स्कूलों में शिक्षा का हक तय करेगी लॉटरी

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फरीदाबाद। राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूलों में दाखिले का हक इस बार लॉटरी तय करेगी। मंगलवार 5 अप्रैल से इसके लिए आवेदन शुरू हो गए। वहीं, जिले में पांच में से दो मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिला प्रक्रिया अमल में लाई गई।
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निदेशालय ने 5 अप्रैल से दाखिला आवेदन के आदेश दिए। ऐसे में दाखिला प्रक्रिया विवादों में आ गई। कई अभिभावक इन स्कूलों में पत्र अनुसार 5 अप्रैल को दाखिले के लिए पहुंचे। दूसरी ओर इन स्कूलों की प्रबंधन समिति व मुखिया पढ़ाई की गुणवत्ता के लिए प्रवेश परीक्षा आधारित दाखिला कराने के पक्षधर दिखे। आखिरकार मंगलवार को जिला शिक्षा विभाग कार्यालय में स्कूल मुखिया तलब किए गए। इसमें निर्देश अनुसार तय किया गया कि लॉटरी सिस्टम ही सेंटर फॉर एक्सीलेंस के रूप में विकसित इन स्कूलों में दाखिले का आधार होगा।
जिले में बीते वर्ष से पांच वरिष्ठ माध्यमिक व 85 प्राथमिक मॉडल संस्कृति स्कूल सेंटर फॉर एक्सिलेंस (उत्कृष्टता केंद्र) की तर्ज पर विकसित किए गए। कोरोना के मामले कम होने के बाद दाखिला प्रक्रिया पर जोर है। अंग्रेजी माध्यम के रूप में विकसित किए गए इन स्कूलों में दाखिला का क्रेज है। निदेशालय ने निर्देश जारी कर 5 अप्रैल से मॉडल संस्कृति स्कूलों में दाखिला आवेदन लेने की बात कही। एनआईटी-3 स्थित मॉडल संस्कृति विद्यालय में मंगलवार को पहले ही दिन 400 आवेदन आ गए। आगामी 25 अप्रैल तक यह आवेदन लिए जाएंगे। दाखिले के लिए 26 अप्रैल को लॉटरी में किस्मत के धनी विद्यार्थी इन स्कूलों में दाखिला लेंगे। हालांकि विद्यालय की प्रबंधन समिति प्रवेश परीक्षा आधारित दाखिला कराने के पक्ष में दिखी। इसके लिए लिखित परीक्षा कराकर योग्य छात्रों का चयन कर लिया गया था। अब इस प्रक्रिया को रोककर लॉटरी सिस्टम लागू होगा।
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नए सेक्शन बनाकर नियमित समय फिर से दाखिले शुरू किए जाएंगे
जिले में सेक्टर-55, एनआईटी-3, मेवला महाराजपुर, तिगांव और नंगला गुजरान में पांच वरिष्ठ माध्यमिक मॉडल संस्कृति विद्यालय हैं। इसमें से चार गत वर्ष विकसित किए गए। सेक्टर-55 स्थित मॉडल संस्कृति विद्यालय को वर्ष 2017 से पायलट प्रोजेक्ट रूप में चलाया गया। विद्यालय में दाखिला कराने की चुनौती से निपटने के लिए स्कूल प्रबंधन समिति पर निर्णय छोड़ दिया गया। पहले वर्ष कम दाखिलों के साथ शुरू हुए स्कूल में दूसरे वर्ष 2018 में सैकड़ों आवेदन आए। स्कूल प्रधानाचार्य सतेंद्र सौरोत ने बताया कि स्कूल प्रबंधन समिति के निर्णय के आधार पर तय किया गया कि गुणवत्ता व उत्कृष्टता के लिए प्रवेश परीक्षा से दाखिले लिए जाएं। बीते चार साल से यह प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। इस बार निदेशालय ने ज्यादा स्कूल संख्या को देखते हुए पांच अप्रैल से दाखिला प्रक्रिया शुरू करने के आदेश 30 मार्च को जारी किए। इस समय तक पूर्व की भांति सेक्टर-55 स्थित संस्कृति स्कूल में दाखिला प्रक्रिया पूरी कर ली गई। अब आदेशों की पालना करते हुए नए सेक्शन बनाकर नियमित समय फिर से दाखिले शुरू किए जाएंगे।
134ए खत्म, अब संस्कृति स्कूल ही गरीब बच्चों के निजी स्कूल
राज्य सरकार ने प्रदेश की शिक्षा नियमावली में संशोधन कर निजी स्कूल में गरीबों के लिए निशुल्क दाखिले का प्रावधान देने वाले नियम 134ए को खत्म कर दिया है। ऐसे में इस वर्ष से गरीब विद्यार्थी निजी स्कूल में निशुल्क दाखिला नहीं पा सकेंगे। मिशन तालीम के संस्थापक इकराम उल हक ने कहा कि अब मॉडल संस्कृति स्कूल ही गरीबों के निजी स्कूल हैं। इसमें शिक्षा की गुणवत्ता नहीं होगी तो इन स्कूलों में गरीब के दाखिला आरक्षण के क्या मायने रहेंगे। दरअसल, सरकार ने मॉडल संस्कृति स्कूल में आर्थिक पिछड़ों के दाखिले के लिए 20 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया है।
दाखिले निर्देश अनुसार ही होंगे। सेक्टर-55 में लॉटरी सिस्टम के बजाय प्रवेश परीक्षा को दाखिले का आधार बनाया। 30 मार्च को लॉटरी सिस्टम से दाखिले लेने का पत्र मिला है। जारी निर्देश का पालन न करने पर स्कूल प्रधानाचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। स्कूल में लॉटरी सिस्टम के आधार पर अतिरिक्त सेक्शन में दाखिले कर दो पारी में स्कूल चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
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- रितु चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
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