17 मई 2019 को माता-पिता स्कूल चले गए और बेटा भी स्कूल चला गया था। तभी मौका पाकर आरोपी छात्रा के घर में घुस गया और उससे दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर उसने कपड़े फाड़कर निर्वस्त्र कर दिया और फिर कैंची, पेचकर आदि धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी थी।
चार साल पहले घर में अकेली मेडिकल की छात्रा से दुष्कर्म की कोशिश व हत्या के दोषी को बुधवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमृत सिंह चालिया की अदालत ने उम्रकैद की सजा और 44 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोपी ने छात्रा पर कैंची, पेचकस समेत अन्य हथियारों से 25 वार किए थे।
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अधिवक्ता रविंद्र गुप्ता ने बताया कि मेडिकल की तैयारी करने वाली छात्रा के माता-पिता दोनों सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। दोषी आकाश यादव के पिता कृष्ण कुमार यादव शराब कारोबारी मूलरूप से भिवानी के वीरन गांव के रहने वाले हैं। वह बल्लभगढ़ क्षेत्र में किराए पर रहते हैं। आकाश भी पिता के कारोबार में हाथ बंटाता था। पड़ोस में ही मृतका परिवार के साथ रहती थी। पीड़िता के घर के पास से ही आरोपी आता जाता था। इसके बाद दोनों की करीब डेढ़ साल से जान पहचान हो गई थी।
17 मई 2019 को माता-पिता स्कूल चले गए और बेटा भी स्कूल चला गया था। तभी मौका पाकर आरोपी छात्रा के घर में घुस गया और उससे दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर उसने कपड़े फाड़कर निर्वस्त्र कर दिया और फिर कैंची, पेचकर आदि धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी थी। पीड़िता के शरीर पर 25 से अधिक घाव थे। इसके साथ ही आरोपी घर से गहने भी लूटकर ले गया था।
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दोपहर में जब बेटा स्कूल से आया तो बहन को घर में मृत पड़ा पाया। उसके शरीर पर चोट के कई निशान थे। इस मामले में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने 21 वर्षीय आकाश को गिरफ्तार किया। केस की सुनवाई करते हुए अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आकाश यादव को दोषी पाया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 44 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।