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ईज ऑफ लिविंग सर्वे में शहरवासी बताएंगे कैसा है अपना शहर

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अमर उजाला ब्यूरो
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फरीदाबाद। आपका शहर रहने के लिए कितना बेहतर है। इसके लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय सर्वे करा रहा है। देशभर की स्मार्ट सिटी सहित 116 शहरों में मिल रही सुविधाओं के लिए हो रहे इस सर्वे के आधार पर ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स यानी कि जीवन जीने की सुगमता का सूचकांक तैयार किया जाएगा।
मंगलवार को स्मार्ट सिटी की सीईओ गरीमा मित्तल ने बताया कि ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स के लिए शहरवासी eol2019.org/CitizenFeedback लिंक पर जाकर फीडबैक दे सकते हैं। 1 फरवरी से शुरू हुए सर्वे में लोग 29 फरवरी तक अपना फीडबैक दे सकते हैं।
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नगर निगम आयुक्त यश गर्ग के कार्यालय में आयोजित वार्ता के दौरान स्मार्ट सिटी की सीईओ गरीमा मित्तल ने बताया कि सर्वे के दौरान लोगों से शहर के आधारभूत ढांचे, यातायात, कानून व्यवस्था, परिवहन, बिजली, पानी, शिक्षा, सुरक्षा, मनोरंजन आदि जैसी बुनियादी सुविधाओं के स्ती के बारे में पूछा जाएगा।
ऑनलाइन सर्वे में शहरवासियों के फीडबैक के आधार पर शहरों की रैंकिंग तय की जाएगी। हरियाणा में फरीदाबाद व करनाल स्मार्ट सिटी के अलावा गुरुग्राम को भी इस सर्वे में शामिल किया गया है। गुरुग्राम में यह सर्वे गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के तहत किया जा रहा है।
इन बिंदुओं पर होगा सर्वेक्षण
- शहर रहने के लिए कितना सुगम है
- शिक्षा की गुणवत्ता
- स्वास्थ्य सेवाओं की कैसी है व्यवस्था
- आवासीय सुविधाएं कैसी हैं
- हवा की शुद्धता
- शहर की साफ सफाई की स्थिति से कितने संतुष्ट हैं
- आपके आसपड़ोस से कूड़ा उठाने की व्यवस्था कितनी अच्छी है
- पीने के पानी की स्थिति
- जलभराव की समस्या
- शहर में यात्रा करना कितना सुरक्षित है
- शहर में यात्रा करना कितना आसान है
- शहर में यात्रा करना कितना किफायती है
- शहर रहने के लिए कितना सुरक्षित व महफूज है
- आपातकालीन सेवाओं की क्षमता कितनी अच्छी है
- महिलाओं के लिए सार्वजनिक जगह कितनी सुरक्षित है
- मनोरंजन की सुविधाओं से कितने संतुष्ट हैं
- बिजली आपूर्ति
- बैंकिंग, बीमा-एटीएम
लोगों की मदद लेगा स्मार्ट सिटी
सर्वे में बेहतरीन रैंकिंग हासिल करने के लिए फीडबैक के लिए लोगों को जागरूक करेगा। इसके लिए सोशल मीडिया व अखबारों के अलावा स्कूल, कॉलेज, आरडब्ल्यूए, विभिन्न सामाजिक संगठनों के अलावा नगर निगम पार्षदों का भी सहयोग लिया जाएगा। स्मार्ट सिटी के अलावा नगर निगम की वेबसाइट पर भी इसका लिंक डाला गया है। लोगों को समझाया जाएगा कि वे अधिक से अधिक फीडबैक दें, जिससे शहरी की वस्तुस्थिति स्पष्ट हो। इसी डाटा के आधार पर केंद्र व राज्य सरकार लोगों के लिए योजनाएं तैयार करेगी।
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कोट
केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय की ओर से यह सर्वे कराया जा रहा है। शहरवासियों से अपील है कि वे बढ़चढ़ कर इस सर्वे में हिस्सा लें और अपनी राय दें। सरकार के पास जितना ज्यादा फीडबैक पहुंचेगा, उसी के आधार पर शहर की रैंकिंग भी तय होगी और भविष्य में उसी के आधार पर शहर के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी।
- गरीमा मित्तल, सीईओ स्मार्ट सिटी फरीदाबाद।
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