फरीदाबाद। देश में सबसे ज्यादा मतों से जीतने वाले टॉप थ्री सांसद कृष्णपाल गुर्जर एक बार फिर से मोदी सरकार (मोदी रथ) में सारथी बने हैं। नए मंत्रिमंडल में उन्हें फिर से राज्यमंत्री की कमान सौंपी गई है। बुधवार से ही कृष्णपाल दिल्ली में डेरा डाले हुए थे। मंत्री पद के लिए कृष्णपाल का नाम उस समय साफ हो गया जब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बृहस्पतिवार दोपहर उन्हें मंत्रीमंडल में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मोदी सरकार में कृष्णपाल को दूसरी बार राज्यमंत्री बनाया गया है। देर शाम उन्होंने अपने मंत्री पद के लिए कर्मठता और गोपनीयता की शपथ ली। इसके साथ ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। कृष्णपाल गुर्जर ने कांग्रेस के अवतार भड़ाना को करीब 6.38 लाख वोट से हराया था। इतनी वोट से जीत का अंतर बनाने वाले कृष्णपाल देश में तीसरे नंबर के सांसद बने हैं।
9 लाख से ज्यादा वोट किए हासिल
फरीदाबाद लोकसभा सीट के लिए कुल 1324539 वोट पड़े थे। इनमें से कृष्णपाल गुर्जर ने 9,13,222 मत हासिल किए। दूसरे नंबर पर रहने वाले कांग्रेस के अतवार सिंह भड़ाना ने 2,74,983 वोट हासिल करके किसी प्रकार अपनी जमानत बचाई। आम आदमी पार्टी और जननायक जनता पार्टी गठबंधन के संयुक्त नवीन जयहिंद को कुल 11,112 वोट ही मिले। बसपा प्रत्याशी मनधीर सिंह मान भी एक लाख का आंकड़ा पार नहीं कर पाए। उन्हें 86,752 वोट मिले। इनेलो के महेंद्र चौहान को भी सिर्फ 12,070 वोट मिल पाए थे।
विधानसभावार कुछ ऐसा है फरीदाबाद लोकसभा का चुनावी परिणाम:
विधानसभा कांग्रेस भाजपा बसपा इनेलो आप-जजपा नोटा
फरीदाबाद 26,323 1,00,539 7771 214 1716 1003
एनआईटी 33,491 1,11,559 6710 477 1139 628
बड़खल 33,698 1,08,173 4742 356 2301 960
बल्लभगढ़ 20,226 1,03,307 5018 252 1332 577
पृथला 24,718 89,528 15,769 2540 942 271
तिगांव 31,931 1,35,184 9701 403 2092 857
कृष्णपाल गुर्जर बोले: पार्टी ने फिर दिया मौका, जनता के भरोसे पर उतरूंगा खरा
फरीदाबाद। प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ जीत हासिल करने और अब सरकार में राज्यमंत्री बनने पर कृष्णपाल गुर्जर ने पार्टी और मतदाताओं का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर फिर से भरोसा जताया है। जनता के सपनों को पूरा करने का अपना वादा पूरा करने की अब उनकी बारी है। मंत्रीपद की शपथ लेने के साथ ही कृष्णपाल गुर्जर ने फरीदाबाद की कुछ बड़ी समस्याओं को दूर करने का वादा किया।
कृष्णपाल ने कहा कि मैं पार्टी का वफादार सिपाही हूं। पार्टी ने पहले भी मुझे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय दिया था। मैने पूरी तन्मयता से अपना दायित्व निभाया। उन्होंने कहा कि पहले ही दिन से उम्मीद थी कि सरकार के साथ काम करने का मुझे मौका अवश्य दिया जाएगा। संगठन और पार्टी हाईकमान ने मुझ पर दोबारा भरोसा जताया है। पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी है, उसका निर्वहन जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ करूंगा। भाजपा सांसद ने कहा कि फरीदाबाद की समस्याओं को सूचीबद्ध करके उन्होंने घोषणा पत्र जारी किया था। बिना टाइमलाइन अब इस घोषणा पत्र पर काम करने का समय आ गया है। बिजली, पानी, सड़क, यातायात, सीवरेज और जाम आदि की योजनाएं पिछले पांच साल के कार्यकाल में ही बना दी गईं थी। अब फरीदाबाद की जनता को गुरुग्राम से मेट्रो की कनेक्टीविटी देनी है। फरीदाबाद के पर्यावरण सुधार पर भी इन पांच साल में विशेष रूप से काम किया जाएगा।
छात्र नेता से शुरू की थी राजनीति, लगातार बढ़ता गया कद:
छात्र जीवन से ही राजनीतिक सफर करने वाले कृष्णपाल गुर्जर के संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से अच्छे संबंध माने जाते हैं। यही कारण है कि वर्ष 2014 में जब भाजपा की सरकार आई तो फरीदाबाद सीट से जीते अपने प्रत्याशी कृष्णपाल गुर्जर को पार्टी ने मंत्रीमंडल में शामिल किया। 1977 से लोकसभा सीट बनने के बाद से यह पहला मौका था, जब फरीदाबाद सीट से जीतने वाले सांसद को मंत्रीमंडल में शामिल किया गया था। उनसे पूर्व तीन बार भाजपा के ही रामचंद्र बैंदा तीन बार यहां से सांसद रहे थे, मगर कभी मंत्री नहीं बन सके। कांग्रेस के टिकट से अवतार सिंह भड़ाना भी इसी सीट से तीन बार सांसद चुने जा चुके हैं, मगर मंत्री पद उन्हें भी नहीं मिला। कांग्रेस के टिकट से भजनलाल को भी यहां की जनता से जिताकर संसद पहुंचाया था, मगर मंत्री पद उन्हें भी नहीं मिल पाया।
कृष्णपाल गुर्जर का राजनीतिक सफर:
- छात्र राजनीति से ही सक्रिय कृष्णपाल गुर्जर ने 1994 में नगर निगम से अपने राजनीतिक सफर की शुरूआत की।
- 1996 में मेवला महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचे।
- हरियाणा विकास पार्टी और भाजपा गठबंधन में परिवहन मंत्री रहे।
- वर्ष 2000 में फिर से मेवला-महाराजपुर सीट से भाजपा के टिकट पर विधायक बने और भाजपा विधायक दल के नेता चुने गए।
- 2005 में मेवला-महाराजपुर सीट से फिर चुनाव लड़े, मगर महेंद्र प्रताप सिंह के सामने हार गए।
- वर्ष 2009 में तिगांव विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते।
- 2009 से लेकर 2013 तक हरियाणा में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद पर रहे।
- 2014 में करीब 4.67 लाख वोट से कांग्रेस के अवतार भड़ाना को रिकॉर्ड मतों से हराया।
- 2019 में फिर से कांग्रेस के अवतार भड़ाना को 6.38 लाख से अधिक वोटों से हराया।
प्रधानमंत्री से नजदीकियां आई काम:
कृष्णपाल गुर्जर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नजदीकियां 1992 से 2000 के बीच हुई थीं। उस समय भाजपा ने मोदी को हरियाणा का प्रभारी बनाया था। ऐसे में उनका फरीदाबाद काफी आना जाना रहता था। पूर्व में फरीदाबाद में हुई एक रैली में अपने संबंधों को मोदी ने खुद भी स्वीकार करते हुए सार्वजनिक किया था। मई 2009 और सितंबर 2012 में हुई मोदी की दो रैलियों में उनका प्रेम कृष्णपाल के पक्ष में साफ नजर आया था। उन्होंने मंच से कहा था कि कृष्णपाल गुर्जर के साथ स्कूटर पर बैठकर उन्होंने फरीदाबाद की काफी खाक छानी है।