अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का पहला चरण लागू होने पर भी शनिवार को नियमों को लेकर लापरवाही देखने को मिली। एनआईटी एक, तीन, पांच, सेक्टर-16, ग्रेटर फरीदाबाद आदि इलाकों में निर्माणाधीन स्थलों के बाहर न तो एंटी स्मॉगगन तैनात की गई न ही सब सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। ऐसे में सड़कों पर धूल उड़ने से धूल के गुबार के बीच से लोग गुजरने को मजबूर हैं। आलम यह है कि इन निर्माण स्थलों पर सामग्री लाने वाले ट्रकों को ढका तक नहीं जा रहा है। बिल्डर खुलेआम ग्रैप की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से ऊपर जाने के कारण पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने शहर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का पहला चरण लागू कर दिया है। इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं हो रहा है। शनिवार को धूल से बचाव के लिए सड़कों पर पानी छिड़काव के नाम पर खानापूर्ति की गई। नगर निगम के टैंकर सड़कों पर दिखाई नहीं दिए। हालांकि ग्रेटर फरीदाबाद आईएमटी में जरूरी कुछ सड़कों पर टैंकरों से पानी का छिड़काव किया गया। बाकी सड़कों को ऐसे ही छोड़ दिया गया। झाड़ू लगाने से पहले कहीं भी पानी नहीं डाला गया। सरुरपुर चौक, सेक्टर-23 बिजली कार्यालय के बाहर रोड किनारे निर्माण सामग्री पड़ी दिखी। इसके बावजूद एक भी चालान नहीं किया गया। निगम ने खानापूर्ति के नाम पर खुले में कूड़ा फेंकने पर तीन चालान कर 2000 रुपये जुर्माना लगाया।
सड़कों पर उड़ रही धूल
अमर उजाला संवाददाता की ओर से शनिवार को शहर के अलग-अलग इलाकों की पड़ताल की गई। कई जगहों पर सड़कों पर धूल दिखाई दी। शहीद भगत सिंह चौक से रेलवे रोड की तरफ जाने वाले रास्ते के डिवाइडर पर धूल जमी मिली। एनआईटी 3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के बाहर सड़क पर बने गड्ढों में मिट्टी भरने के कारण। खेड़ी पुल स्थित बाईपास रोड से सेक्टर 29 की तरफ जाने वाले रास्ते पर धूल सड़क तक जमा मिली।
सेक्टर-11 की हवा सबसे ज्यादा खराब, एक्यूआई 293
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी सूची के अनुसार शनिवार को फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 197 और बल्लभगढ़ का 49 दर्ज किया। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो सेक्टर-11 की हवा सबसे ज्यादा खराब रही। यहां एक्यूआई 293 दर्ज किया गया। जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत आई। एनआईटी में एक्यूआई 200, सेक्टर-30 में 140 और सेक्टर-16ए में 158 दर्ज किया गया।
लोगों से बातचीत
ईएसआईसी अस्पताल के बाहर दिनभर धूल उड़ती है। इससे सांस के मरीजों की समस्या बढ़ सकती है। निगम को यहां नियमित रूप से पानी का छिड़काव करना चाहिए। - दीपक कुमार वार्ष्णेय
धूल की वजह से बाहर सैर करना भी बंद कर दिया है। घर पर ही सुबह शाम व्यायाम कर लेता हूं। नगर निगम को प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। -रोहित वर्मा, ग्रेटर फरीदाबाद