फरीदाबाद में सड़क का निर्माण होने के बाद विभाग उसे फिर से तोड़े यह हास्यास्पद लगता है। लेकिन ग्रेटर फरीदाबाद में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां विभाग की लापरवाही उजागर हुई है। यहां खेड़ी पुल से तिगांव को जोडने वाली सड़क का निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ था कि इससे पहले ही लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा इस सड़क को तोड़ने का काम किया जा रहा है। इसका स्थानीय दुकानदार विरोध कर रहे हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक लोकसभा चुनाव के समय इस सड़क की एक लेन का निर्माण बहुत जल्दबाजी में किया गया था। ठेकेदार ने इसका निर्माण रातोंरात किया था। इस कारण सड़क पर बने मैनहोल को छोड़ना भूल गया और पूरे पर तारकोल डालकर सड़क को पक्का बना दिया। लगभग तीन माह बीतने पर बरसात आने के बाद अधिकारियों और ठेकेदार को सड़क पर बने मैनहोल की याद आई तो कर्मचारी मौके पर पहुंच कर जेसीबी से सड़क पर जगह-जगह खुदाई कर मैनहोल को ढूंढने का काम कर रहे हैं।
वहीं, स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि इस सड़क के निर्माण के लिए लोगों ने काफी संघर्ष किया। रोड जाम कर कई बार विरोध प्रदर्शन किया। विभिन्न विभाग के अधिकारियों के चक्कर काटे। पीडब्ल्यूडी विभाग ने निर्माण कार्य शुरू कराया ही था कि सड़क के बीच आने वाले बिजली के पोल बाधा बन गए। उन्हें शिफ्ट करने के लिए विभाग द्वारा सड़क का काम रोक दिया गया। बिजली के खंभे शिफ्ट होने के बाद लोकसभी चुनाव आ गए। आचार संहिता लगने से काम रोक दिया गया।
इन इलाकों को जोड़ती है सड़क
खेड़ी पुल से तिगांव को जोड़ने वाली यह सड़क लगभग 300 किलोमीटर लंबी है। यह दो लेन सड़क ग्रेटर फरीदाबाद की सोसाइटियों सहित भतौला, फरीदपुर, सदपुरा, तिगांव, मंझावली और मंधावली गांव को जोड़ती है। यहां से हर रोज 10 हजार से अधिक लोग आवागमन करते हैं। इससे विभाग को लाखों रुपये का नुकसान होने के साथ साथ हादसे का खतरा बढ़ गया है। दुकानदारों का आरोप है कि सड़क पर मैनहोल कहां है कर्मचारियों को इसकी जानकारी तक नहीं है। वह अंदाजे से खोदाई कर मैनहोल ढूंढ रहे हैं।
लोगों से बातचीत
लोक निर्माण विभाग ने लोकसभा चुनाव के दौरान इस सड़क की एक लेन का निर्माण कार्य करवाया था लेकिन अब विभाग द्वारा इसे तोड़ा जा रहा है। सड़क टूटने से हादसों का खतरा बढ़ गया है।
- अखिल, स्थानीय दुकानदार।
इस सड़क के निर्माण के लिए कई बार विरोध प्रदर्शन किया उसके बाद सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ था लेकिन सड़क के बीच बिजली के खंभे आने के कारण काम रोक दिया गया। अब कर्मचारी सीवर का मैनहोल ढूंढते फिर रहे हैं। यह समझ से परे है।
- राजू, दुकानदार।
ठेकेदार ने जल्दबाजी में सड़क का निर्माण किया। उसने मैनहोल की तरफ ध्यान नहीं दिया और पूरी एक लेन पर तारकोल डालकर रातोंरात सड़क बना दी। अब विभाग मैनहोल के ऊपर से चारकोल की परत को हटा रहा है। ठेकेदार की इस लापरवाही से विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-प्रदीफ सिंधु, कार्यकारी अभियंता - लोक निर्माण विभाग।