फरीदाबाद। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जिले की पहली बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट की शुरुआत की गई है। इसका उद्घाटन ईएसआईसी के महानिदेशक मुखमीत एस भाटिया ने की। वहीं डिजिटल रेडियोग्राफी व्यवस्था का उद्घाटन श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की संयुक्त सचिव विभा भल्ला ने किया। इससे मरीजों को अब फोन पर ही रिपोर्ट मिल सकेगी।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में फरीदाबाद समेत पलवल, होडल, हथीन, गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत, रेवाड़ी इत्यादि जिलों से भारी संख्या मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अस्पताल में विश्व स्तरीय सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है। इसी कड़ी में बोनमैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू की गई।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डीन डॉ. असीम दास ने बताया कि डिजिटल एक्सरे के लिए अब मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर नहीं करना पड़ेगा। उन्हें अस्पताल में ही इसकी सुविधा मिलना शुरू हो गई है। मरीजों को बेड पर ही उनके फोन पर डिजिटल रिपोर्ट मिलना शुरू हो गई। मरीजों की परिजनों की भागदौड़ भी कम हो गई। उनकी अविलंब जांच संभव हो गई है। उन्होंने बताया कि ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सफल बोनमैरो ट्रांसप्लांट किया गया। इसमें डॉ. निमिषा शर्मा, डॉ. गीतिका, डॉ. सरोज, डॉ. सोनू और नर्सिंग अधिकारी राम की टीम ने करीब छह घंटे के समय में स्टेम सेल हार्वेस्टिंग प्रक्रिया का संचालन किया। वहीं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राहुल भार्गव और डॉ. संजय राय की टीम द्वारा रोगी को स्टेम सेल सफलतापूर्वक ट्रांसफ्यूजन किया गया था। इनके अलावा डॉ. शिल्पी, डॉ. जूही ने भी सहयोग किया। इस मौके पर डॉ. अंशु छाबड़ा, डॉ. आरके कटारिया, मेडिकल कॉलेज रजिस्ट्रार डॉ. अनिल पांडे उपस्थित रहे।