वर्ष 2017 में प्रतिबंधित मास ले जाते पुलिस ने किया था गिरफ्तार, 30-30 हजार का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी।
तावडू। नूंह में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय के वर्मा की अदालत ने हरियाणा गोवंश संरक्षण एवं गौसंवर्धन अधिनियम 2015 के तहत दर्ज एक मामले में पिता-पुत्र को दोषी मानते हुए पांच-पांच वर्ष की सजा सुनाई है। दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषियों को छह महीने अतिरिक्त जेल में गुजारने होंगे। वर्ष 2017 में नूंह सदर थाने में दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था।
लोक अभियोजक प्रताप सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में बाई थाना नूंह निवासी खुर्शीद व उसके बेटे शाकिर के विरुद्ध नूंह सदर थाने में हरियाणा गोवंश संरक्षण एवं गौसंवर्धन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें कहा गया था कि पुलिस चेकिंग के दौरान आरोपी अपनी मोटरसाइकिल छोड़कर भाग गए थे। मोटरसाइकिल पर मिले प्लास्टिक कट्टों में करीब 45 किलो प्रतिबंधित मांस बरामद हुआ था। पुलिस ने उपरोक्त दोनों आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। कुछ दिन बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि बरामद मांस के नमूने जांच के लिए लैब में भेजे गए। जिनकी प्रतिबंधित मांस की पुष्टि हो गई। इसके अलावा पुलिस सहयोग से सभी अहम सबूत जुटाए गए। जिन्हें अदालत में मजबूत पैरवी के साथ पेश किया गया। करीब छह साल से अधिक समय तक अदालत में मामले सुनवाई हुई। बृहस्पतिवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय के वर्मा की अदालत ने आरोपी खुर्शीद और उनके बेटे शाकिर को दोषी करार दिया। शुक्रवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए दोनों को पांच-पांच साल की सजा के साथ-साथ 30-30 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया। जुर्माना नहीं भरने पर दोनों दोषियों को 6 महीने अतिरिक्त जेल में काटने होंगे।