नोएडा और फरीदाबाद की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बनाए जा रहे मंझावली पुल के समय पर पूरा होने के आसार नहीं है। तीन माह में लोक निर्माण विभाग को मंझावली गांव के आसपास कुल 20 एकड़ जमीन पर ही कब्जा मिल पाया है। इससे पुल को जोड़ने के लिए बनाई जाने वाली सड़क का निर्माण कार्य लटक गया है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों के अप्रैल 2022 तक निर्माण कार्य पूरा करने के दावे कितने सटीक साबित होंगे, यह देखना होगा।
मंझावली में पुल की आधारशिला आठ साल पहले रखी गई थी। पुल निर्माण पर लगभग 120 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसे वर्ष 2015 में बनकर तैयार होना था। लेकिन आठ साल से पुल का निर्माण कार्य कछुआ गति से चल रहा है। यमुना में कुल 11 पिलर बनाए जाने है। इनमें से अधिकांश के ऊपर बी सेप पिलर्स रखने का काम पूरा किया गया है।
कारपेट, गाइडबंद, फिनिशिंग के अलावा यमुना के दोनों तरफ पुल को जोड़ने के लिए बनाए जाने वाली सड़क का काम अधूरा है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग को मंझावली सहित आसपास के गांव की करीब 47 एकड़ जमीन अधिग्रहण करनी है। करीब एक साल से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है लेकिन किसानों की सहमति के कारण पूरी नहीं हो सकी। इस वजह से सड़क को चौड़ा करने का काम शुरू नहीं हो रहा है।
नोएडा जाना होगा आसान
मंझावली से खेड़ी पुल की तरफ आने वाली सड़क की चौड़ाई को बढ़ाया जाना है। वहीं, गांव मंझावली और चीरसी में बाईपास सड़क बनाई जाएगी। पुल को (जोड़ने) कनेक्टिविटी के लिए लगभग 24 किलोमीटर लंबी परियोजना पर काम हो रहा है। 19 किलोमीटर सड़क हरियाणा और पांच किलोमीटर सड़क उत्तर प्रदेश में बनाई जानी हैं। मंझावली गांव में यमुना नदी पर 600 मीटर लंबा फोर लेन पुल बनाने का काम जारी है। अभी नोएडा जाने में दो घंटे का समय लगता है। पुल निर्माण के बाद नोएडा से फरीदाबाद की दूरी मिनटों की रह जाएगी।
मंझावली पुल का निर्माण कार्य जारी है। पुल को जोड़ने के लिए बनाई जाने वाली सड़क के लिए मंझावली सहित आसपास के गांव की करीब 20 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है, करीब 27 एकड़ जमीन और अधिग्रहण की जानी है। कई मामले न्यायालय में लंबित होने के कारण अधिग्रहण प्रक्रिया में देरी हो रही है।- प्रदीप सिंधू, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग