फरीदाबाद। दिल्ली-वड़ोदरा-मुंबई एक्सप्रेस-वे को गति देने के लिए बाईपास किनारे पेड़ों की कटाई शुरू कर दी गई है। सेक्टर-17 से लेकर कैल गाव तक हजारों पेड़ काटे जा चुके है। इसके साथ ही बाइपास रोड सेक्टर-17 मोड पर बने रोज गार्डन भी विकास भी भेंट चढ़ गया है। प्राधिकरण की ओर से पेड़ों की कटाई का काम वन विकास निगम को दिया हुआ है। कटाई की बाबत राशि भी निगम को जमा करा दी गई है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द सेक्टर-37 तक एक्सप्रेस वे के रास्ते में आ रहे पेड़ों की कटाई का काम पूरा कर लिया जाएगा।
बदरपुर बोर्डर से कैल गांव को जोड़ने वाली करीब 30 किमो लंबा बाईपास दिल्ली से वड़ोदरा एक्सप्रेस वे का हिस्सा बनेगा। इसलिए बाईपास को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के सौंप दिया गया है, क्योंकि एनएचएआई ही बाईपास को एक्सप्रेस वे बनाएगा। इससे पहले बाईपास को एक्सप्रेस का हिस्सा बनाने वाली कंपनी द्वारा मिट्टी परीक्षण का काम तेजी से किया जा रहा है। एक्सप्रेस-वे दिल्ली में डीएनडी फ्लाईओवर से शुरू होगा और आगरा नहर के साथ-साथ सेक्टर-37 आकर बाईपास रोड से जुड़ जाएगा। कैल गांव के पास एक्सप्रेस-वे राष्ट्रीय राजमार्ग को पार करेगा और सोहना पहुंचेगा और कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे से कनेक्ट हो जाएगा। वहां से वड़ोदरा व मुंबई एक्सप्रेस-वे को लिंक कर दिया जाएगा।
पार्क की जगह बनेगी सड़क और फुटपाथ
सेक्टर-17 मोर्ड पर करीब 10 एकड़ जमीन पर रोज गार्डन बना हुआ है। गुलाब की सैकडों किस्मों से गुलजार इस गार्डन में सुबह-शाम सैकडों लोग खुली हवा में सैर और व्यायाम के लिए आते हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि पार्क की हरियाली खत्म कर यहां हाइवे बनाए जाने से प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ जाएगा। पहले से प्रदूषण के मामले में शिखर पर फरीदाबाद की हवा पार्क के खत्म होने से और खतरनाक हो जाएगी।
बाईपास को एक्सप्रेस वे बनाने वाली कंपनी ने तेजी से अपना काम शुरू कर दिया है। जहां-जहां खाली जगह मिल रही है। वहां के पेड़ों का काट से हटाया जा रहा है। रोजगार्डन की कुछ जमीन प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसके साथ ही मिट्टी परीक्षण का काम भी जल्द पूरा हो जाएगा।
-धीरज सिंह, परियोजना प्रबंधक, एनएचएआई