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Faridabad News: डॉक्टरों की हड़ताल, ओपीडी-आईपीडी के 2000 मरीज रहेंगे परेशानी

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हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज के डॉक्टर पूर्णरूप से एक दिन की हड़ताल करेंगे
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- शहर के अस्पताल में आपातकालीन, ओपीडी, आईपीडी, पोस्टमार्टम सेवाएं रहेंगी बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके अस्पताल में बृहस्पतिवार को हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज की अगुआई में डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर हड़ताल करेंगे। इस दौरान अस्पताल में आपातकालीन, ओपीडी, पोस्टमार्टम और अन्य सभी विभागों में सेवाएं बंद रहेंगी। ओपीडी बंद होने से प्रतिदिन आने वाले करीब 1500 से 2000 मरीज परेशान होंगे। दूसरी ओर, अस्पताल में 200 बेड पर भर्ती मरीजों को कोई भी हालचाल लेने वाला नहीं होगा। सभी डॉक्टर हड़ताल के माध्यम से सरकार के खिलाफ विरोध जताएंगे।

बीके अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से 2000 मरीज आते हैं। जिनमें से 60 से 70 मरीज आपातकालीन वार्ड में इलाज कराते हैं। कल आपातकालीन वार्ड खुलेंगे लेकिन डॉक्टर के हड़ताल पर जाने से वह किसी भी मरीज का इलाज नहीं करेेंगे। जिसकी वजह से मरीजों इलाज कराने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ ही बृहस्पतिवार को डॉक्टर ओपीडी में मरीजों को देखने के लिए नहीं बैठेंगे। इस दौरान अस्पताल में आने वाले मरीजों का इलाज नहीं किया जाएगा।
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वहीं, हड़ताल के दौरान अस्पताल के अन्य विभागों में भी डॉक्टर नहीं रहेंगे। इससे पहले भी डॉक्टर ने अपनी मांगों को लेकर कई बार हड़ताल कर चुके हैं। जिसके बाद भी उनकी मांगों को लेकर सरकार की ओर से कोई समाधान नहीं किया गया है। पिछले दिनों सभी डॉक्टरों ने दो-दो घंटे की हड़ताल की थी। इस बार डॉक्टर पूर्ण रूप से एक दिन के लिए हड़ताल पर जाएंगे। जिससे मरीजों को इलाज में काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज के प्रदेश अध्यक्ष राजेश खयालिया ने कहा कि हमारी यूनियन के डॉक्टरों ने पहले कई बार दो-दो घंटे की हड़ताल करके सरकार के खिलाफ विरोध किया था। विरोध के बाद भी सरकार की ओर से मांगों को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है। जिसको लेकर आज बृहस्पतिवार को हमारी यूनियन के डॉक्टर पूरे प्रदेश में पूर्ण रूप से एक दिन की हड़ताल करेंगे।

आपातकालीन वार्ड में नहीं होंगे डॉक्टर
आपातकालीन वार्ड में आने वाले मरीजों के लिए डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहेंगे। इस दौरान गंभीर मामलों को देखने के लिए भी कोई नहीं होगा। यदि कोई गंभीर मरीज आएगा तो उनको जान का खतरा रहेगा।
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200 बेड के अस्पताल में भर्ती मरीजों को कौन देखेगा
जिला अस्पताल में 200 बेड में मरीजों की भर्ती कर उपचार किया जाता है। कई बार मेडिसिन वार्ड में एक बेड पर दो-दो मरीज होते हैं। ऐसे में डॉक्टरों की हड़ताल में गंभीर मरीजों को देखने वाला कोई नहीं होगा।
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पोस्टमार्टम भी नहीं होंगे
डॉक्टरों ने हड़ताल के दौरान कोई भी पोस्टमार्टम न करने का फैसला किया है। ऐसे में यदि क्षमता से अधिक शव आएंगे तो पोस्टमार्टम हाउस में मुश्किलें बढ़ेंगी।
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