फरीदाबाद। डेंगू और वायरल बुखार के साथ अब डायरिया जानलेवा साबित हो रहा है। शुक्रवार को डायरिया पीड़ित एक महिला की मौत हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि डायरिया को लेकर गंभीरता बरतें और तुरंत चिकित्सक की सलाह हैं। समय रहते उल्टी-दस्त के मरीजों को उपचार नहीं मिला तो जान से हाथ धोना पड़ सकता है।
शुक्रवार को बीके अस्पताल की इमरजेंसी में नंगला पार्ट एक निवासी विजय पत्नी आशा को लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि आशा को सुबह से ही उल्टी-दस्त की समस्या हो रही थी। दोपहर 12 बजे तक उन्होंने 6 बार उल्टी की। हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो ऑटो से पत्नी को उपचार के लिए बीके अस्तपाल की इमरेंजसी में लेकर आ रहे थे। रास्ते में ऑटो में ही पत्नी की मौत हो गई।
इमरजेंसी में तैनात डॉ. प्रदीप ने बताया कि गंभीर उल्टी दस्त की वजह से महिला के शरीर में पानी का स्तर कम हो गया था। इसकी वजह उसकी रास्ते में ही अटैक पड़ने से मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि उल्टी-दस्त अगर किसी मरीज को ज्यादा हो तो समय रहते डॉक्टर को दिखाएं। उल्टी-दस्त से शरीर के अंदर पानी की कमी हो जाती है और दिल का दौरा पड़ने की आशंका हो जाती है।