संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। दहेज हत्या के मामले में तीन साल तक चले ट्रायल के बाद आरोपी पति को अदालत ने बरी कर दिया। साल 2020 गदपुरी थाना पुलिस ने पति, सास व ससुर के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। सास-ससुर को पुलिस जांच में पहले ही निकाल दिया गया। अब न्यायाधीश सूर्य चंद्रकांत ने स्पेशल क्राइम अगेंस्ट वूमेन अदालत में मामले की सुनवाई करते हुए कोई ठोस सबूत व गवाह न मिलने पर आरोपी पति को आरोपमुक्त कर दिया। मामले में मृतका द्वारा आत्महत्या करने की बात सामने आई।
मामले की जानकारी देते हुए एडवोकेट राजेंद्र खत्री ने बताया कि दुर्गापुर निवासी चंद्रपाल ने वर्ष 2020 में गदपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि साल 2013 में उसने अपनी बेटी सुधा की शादी गांव कलवाका निवासी राजकुमार के साथ की थी। शादी में दिए गए दहेज से ससुराल पक्ष के लोग संतुष्ट नहीं थे, जिसके चलते उसकी बेटी का पति वा उसके परिजन शादी के बाद से ही अधिक दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। कई बार सामाजिक तौर पर उन्हें समझाने का भी प्रयास किया गया, लेकिन दो-चार दिन चुप रहने के बाद उनका फिर वही रवैया शुरू हो जाता। इस दौरान उनकी बेटी सुधा पर दो लड़कियां भी हुईं, जिसके बाद ससुराल वाले और ज्यादा प्रताड़ित करने लगे। शिकायत में कहा गया कि 30 अक्तूबर 2020 को सुधा के पति राजकुमार, ससुर पालाराम व सास दुलारी ने सुधा की हत्या करने के बाद शव फांसी पर लटका दिया। मामले में मृतक सुधा के पिता की शिकायत पर गदपुरी थाने में पति राजकुमार, ससुर पालाराम व सास दुलारी के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। एडवोकेट खत्री ने बताया कि मामले में सास-ससुर को पुलिस जांच में निकाल दिया गया। आरोपी पति राजकुमार अदालत में पेश कर सुनवाई शुरू हुई। तीन साल तक अदालत में ट्रायल चला। न्यायाधीश सूर्य चंद्रकात ने मामले की सुनवाई करते हुए सोमवार देर शाम पति राजकुमार के विरुद्ध कोई साक्ष्य न मिलने पर उसे निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया।