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Faridabad News: कम आयात शुल्क के कारण विदेशी उत्पादों के भारतीय बाजार में बढ़ते प्रवेश पर चिंता जताई

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संवाद न्यूज एजेंसी
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फरीदाबाद। भारतीय मेडिकल उपकरण उद्योग ने मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) और कम आयात शुल्क के कारण विदेशी उत्पादों के भारतीय बाजार में बढ़ते प्रवेश पर चिंता जताई है।
कारोबारियों का कहना है कि मामला केवल चीन तक सीमित नहीं है, बल्कि यूरोपीय संघ के उत्पाद भी कम शुल्क का लाभ लेकर भारतीय बाजार में आ सकते हैं। इससे घरेलू उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित होने की आशंका है।
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उद्योगपतियों के अनुसार सिंगापुर और नीदरलैंड भारत में मेडिकल उपकरणों के प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हैं, जबकि इन देशों में मेडिकल उपकरणों का उत्पादन सीमित है। आधुनिक बंदरगाह, बेहतर लॉजिस्टिक्स और अनुकूल कर व्यवस्था के कारण ये देश वैश्विक ट्रांजिट हब बन गए हैं। इसके विपरीत जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, फ्रांस, इटली और स्पेन जैसे बड़े विनिर्माण वाले देशों से अपेक्षाकृत कम आयात होता है। इससे संकेत मिलता है कि कई उत्पाद वास्तविक निर्माण वाले देशों के बजाय ट्रांजिट हब के माध्यम से भारत पहुंच रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइसेस इंडस्ट्री (एआईएमईडी) के संयोजक राजीव नाथ ने कहा कि यदि आयात नियमों की प्रभावी निगरानी नहीं हुई तो तीसरे देशों के जरिये विदेशी उत्पाद कम शुल्क का लाभ उठाकर बड़ी मात्रा में भारतीय बाजार में प्रवेश कर सकेंगे।
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