बल्लभगढ़। मोहना रोड स्थित एक निजी अस्पताल में रविवार को इलाज के दौरान एक सात महीने के बच्चे सार्थक की मौत हो गई। उसे सुबह अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने के लिए ले जाया गया था। आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारी ने उसे गलत तरीके से इंजेक्शन लगा दिया। इसके दो मिनट बाद ही वह बेहोश हो गया और उसकी मौत हो गई। सूचना पाकर मौके पर आदर्श नगर पहुंची पुलिस ने शव को बीके अस्पताल के शवगृह में पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
पंजाबी वाडा निवासी ललित कुमार ने बताया कि उसके छोटे भाई सोनू गोयल व उसकी पत्नी अनु अपने सात महीने के बेटे को लेकर मोहना रोड स्थित रेनबो मेडिकेयर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। सार्थक को एक हफ्ता पहले बुखार, उल्टी व दस्त की शिकायत थी। उस दौरान उसे उक्त अस्पताल में भर्ती किया गया था। इलाज के बाद उसे 20 अप्रैल को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। साथ ही चिकित्सक ने बच्चे को एक इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी थी। चिकित्सकों ने सुबह के समय अस्पताल पहुंचकर बच्चे को इंजेक्शन लगवाने को कहा था। ऐसे में उसे लगातार तीन दिनों तक इंजेक्शन लगवाने अस्पताल ले जाया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि बीते दिनों लगाए गए इंजेक्शन से बच्चे को कोई परेशानी हुई थी। लेकिन रविवार को जब वह बच्चे को आखिरी इंजेक्शन लगवाने सुबह 7 बजे अस्पताल पहुंचे, अस्पताल के कर्मचारी ने हाथ से ही गलत तरीके से इंजेक्शन लगा दिया।
परिजनों ने बताया कि उन्होंने इस बाबत टोका भी और कहा इससे पहले बच्चे को इंजेक्शन मशीन से लगाए गए थे। आज क्यों हाथ से लगाया जा रहा है। इस पर कर्मचारी ने कहा कि बच्चे को आज कम डोज दिया जा रहा है। इसलिए इसे हाथ से सीधे दिया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि हाथ से सीधे इंजेक्शन लगाने के दो मिनट बाद ही बच्चा बेहोश हो गया। यह देख सभी सन्न रह गये। कर्मचारी ने उनकी गोद से बच्चे को लेकर अस्पताल के ऊपरी मंजिल पर ले गया और ऑक्सीजन सपोर्ट दिया। फिर भी वह होश में नहीं आया। इसके बाद पारिवारिक डॉक्टर को अस्पताल बुलाया गया। उन्होंने जांच के दौरान बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल में किया हंगामा
बच्चे मौत की खबर सुनकर सोनू गोयल के परिवार के अन्य सदस्य अस्पताल पहुंच गये। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। साथ ही तोड़फोड़ करने लगे। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पाते ही मौके पर आदर्श नगर थाने की पुलिस पहुंच गई और नाराज परिजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। आदर्श नगर थाना के प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चार साल बाद हुआ था बच्चा
सोनू गोयल के बड़े भाई ललित कुमार ने बताया कि सोनू व अनु की शादी चार साल पहले हुई थी। इनके बच्चे नहीं हो रहे थे। इसका दोनों ने खूब इलाज कराया। चार साल बाद इनके बच्चे हुए। सभी काफी खुश थे। लेकिन अस्पताल की लापरवाही से अब वह बच्चा भी नहीं रहा। बच्चे की मौत अस्पताल की लापरवाही की वजह से हुई है। ऐसे में पुलिस अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।