मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम की कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
बल्लभगढ़ में बच्चों की खरीद-फरोख्त करने के आरोप में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने एक एनजीओ उड़ान की संचालिका समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान डॉ. हिना माथुर और साथी पवन शर्मा के रूप में हुई है। आरोपी गरीब परिवारों से संपर्क करके उन्हें अच्छी परवरिश का झांसा देकर एक से दो लाख में नवजात शिशुओं को बेच देते थे।
एनजीओ संचालिका डॉ. हिना को कई पुरस्कार मिल चुके हैं। क्राइम ब्रांच-65 ने दोनों को अदालत में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया है। इससे अन्य मामलों का खुलासा हो सकता है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को सूचना मिली थी कि उड़ान वेलफेयर नामक संस्था की संचालिका डॉ. हिना माथुर और साथी पवन शर्मा गरीबों के बच्चे को अच्छी परवरिश का झांसा देकर लाखों रुपये में बेच देते हैं।
आरोपी 15 दिन के नवजात का सौदा करने वाले हैं। इस पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के उप निरीक्षक सतबीर सिंह और महिला एएसआई राजेश ने दंपती बनकर हिना व पवन से बच्चे के लिए बातचीत की। हिना माथुर व पवन शर्मा ने नवजात (बच्ची) के लिए डेढ़ लाख रुपये की मांग की। बाद में सौदा एक लाख रुपये में तय हुआ।
इसके बाद सिंचाई विभाग के एसडीओ राजकुमार को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। उप निरीक्षक सतबीर सिंह ने हिना माथुर से संपर्क करके नवजात देने के बारे में समय व स्थान निर्धारित किया, जिस पर हिना माथुर ने सेक्टर-8 स्थित सर्वोदय अस्पताल के सामने मिलने की बात कही। सर्वोदय अस्पताल की कैंटीन में बुलाया और नवजात को कुछ देर में देने की बात कही।