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IT Raid: चार अस्पतालों पर आयकर विभाग की कार्रवाई दूसरे दिन भी रही जारी, डॉक्टरों के घरों से एक करोड़ कैश बरामद

Fri, 29 Jul 2022 06:09 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद/नोएडा

सार

टीम ने सेक्टर-8 और 19 स्थित सर्वोदय अस्पताल और मालिक के निवास पर, अजरौंदा चौक स्थित एसएसबी अस्पताल, नोएडा सेक्टर-16ए स्थित मेट्रो अस्पताल ग्रुप और एकॉर्ड अस्पताल सहित 35 से अधिक संस्थानों में जांच के दौरान डॉक्टरों से एक करोड़ से अधिक नकद बरामद किए। 
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इनकम टैक्स रेड (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
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विस्तार
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फरीदाबाद और नोएडा के चार नामचीन अस्पतालों पर आयकर विभाग के छापे की कार्रवाई बृहस्पतिवार को भी जारी रही। विभाग की टीम ने डॉक्टरों के घर से एक करोड़ से ज्यादा नकद रुपये बरामद करने के साथ ही जरूरी कागजात कब्जे में लिए हैं। इनमें प्रॉपर्टी खरीदने, बेचने सहित कई जानकारियां शामिल हैं।  

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उधर, नोएडा में भी आयकर विभाग की इंवेस्टिगेशन यूनिट मेट्रो ग्रुप के दोनों अस्पतालों में दस्तावेज खंगालने में जुटी रहीं। अस्पताल से जुडे़ तीन अधिकारियों के आवास पर भी टीम जांच के लिए पहुंची। विभाग की फरीदाबाद यूनिट के अधिकारियों ने इस कार्रवाई के लिए सेक्टर-11 स्थित मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल को कंट्रोल रूम बनाया है। आयकर विभाग को फरीदाबाद समेत दिल्ली-एनसीआर के नामचीन अस्पतालों द्वारा आय-व्यय में गड़बड़ी किए जाने की सूचना मिली थी। 

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इस आधार पर फरीदाबाद आयकर विभाग के अतिरिक्त निदेशक भारत भूषण गर्ग की अगुवाई में 35 विशेष जांच टीमें गठित की गईं। टीम ने सेक्टर-8 और 19 स्थित सर्वोदय अस्पताल और मालिक के निवास पर, अजरौंदा चौक स्थित एसएसबी अस्पताल, नोएडा सेक्टर-16ए स्थित मेट्रो अस्पताल ग्रुप और एकॉर्ड अस्पताल सहित 35 से अधिक संस्थानों में जांच के दौरान डॉक्टरों से एक करोड़ से अधिक नकद बरामद किए। कुछ विशेष मेडिकल कंपनियों  के वाउचर मिले हैं। आशंका है, अस्पतालों ने कुछ विशेष दवा कंपनियों को लाभ पहुंचाया है।

हर साल आते हैं 10 हजार विदेशी मरीज
फरीदाबाद में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल अपनी अल्ट्रा मॉडर्न सुविधाओं के लिए विश्व भर में मशहूर हैं। यहां दुनियाभर से 10 हजार मरीज हर साल आते हैं।

वसूली ज्यादा, कागजों में कम
पिछले कुछ वर्षों से दिल्ली-एनसीआर में कॉरपोरेट अस्पतालों में  साउथ अफ्रीका, पाकिस्तान, इराक, ईरान, सूडान, अफगानिस्तान व अन्य देशों से मरीज सस्ते इलाज के लिए आ रहे हैं। आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कोरोना से उबरने के बाद अस्पतालों ने इलाज के साथ जांच के रेट काफी बढ़ा दिए हैं। विदेशी मरीजों से इंलाज के नाम पर तीन से चार लाख रुपये तक वसूले जाते है, जबकि कागजों में यह रकम कम दिखाई जाती है।
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