एसीबी ने आरोपी के खिलाफ 18 जनवरी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। केस का निपटारा करने के मामले में रिश्वत लेने वाले आरोपी एएसआई महावीर ने सोमवार को कोर्ट में सरेंडर किया था। जिसके बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश करके उसे दो दिन की रिमांड पर लिया था। सरेंडर करने से पहले आरोपी ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दी। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ 18 जनवरी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था।
गांव तमौला कोसीकलां जिला मथुरा निवासी धर्मेंद्र चौधरी ने एसीबी को दी शिकायत में कहा था कि वह काम की तलाश में सेक्टर 12 की तरफ जा रहा था। तभी रास्ते में एक महिला ने लिफ्ट मांगी। लिफ्ट देने के दौरान उनकी महिला से जान पहचान हो गई और उसके साथ संबंध बनाने लगा। कुछ समय के बाद महिला और उनके बीच 1500 रुपये को लेकर अनबन हो गई। उसी को लेकर आरोपी एएसआई महाबीर सिंह उनको थाने में ले गया और फोन छीन लिया। एएसआई ने उसको केस से बचाने के नाम पर एक लाख रुपये की रिश्वत को मांग। जिसके धमेंद्र और एएसआई के बीच 50 हजार में बात पक्की हो गई। एएसआई ने 30 हजार रुपये ले लिए। 17 जनवरी को बाकी के 20 हजार रुपये देने के लिए शिकायतकर्ता को बुलाया था। शिकायतकर्ता 18 जनवरी को आरोपी एएसआई को 20 हजार रुपये देने के लिए थाना सेंट्रल थाने के गेट पर पहुंचा। इस दौरान आरोपी को एसीबी की टीम पकड़ पाती। तब तक आरोपी पुलिसकर्मी पीछे वाले गेट से रिश्वत के 20 हजार रुपये लेकर भाग गया। इसके बाद उनकी टीम ने थाने में खड़ी आरोपी पुलिसकर्मी की कार की तलाशी ली। तो उसकी कार से 36 हजार 505 रुपए बरामद हुए थे और टीम ने कार को जब्त कर लिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद आरोपी एएसआई ने 10 मार्च को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। एसीबी ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया है। टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है।