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Faridabad News: 3.45 करोड़ की ठगी के आरोप में एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन पर एक और केस दर्ज

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बल्लभगढ़ के व्यापारी ने सेक्टर-31 थाना में दर्ज कराया मुकदमा
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अप्रैल 2018 में जेल जाने के बाद दिसंबर 2024 में जेल से जमानत पर आए थे अनिल जिंदल

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। निवेशकों से रुपये लेकर हर महीने मुनाफा देने के बहाने ठगी के आरोप में एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल पर एक नई एफआईआर दर्ज हुई है। सेक्टर-31 थाना में अनिल जिंदल के अलावा एसआरएस लिमिटेड और ट्रस्टवर्थी जेम्स एंड ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक भी आरोपी बनाए गए हैं। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि अनिल जिंदल पर ये 86वीं एफआईआर फरीदाबाद पुलिस ने दर्ज की है।
अनिल जिंदल को अप्रैल 2018 में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद दिसंबर 2024 में उन्हें जमानत मिली। अब एक नई एफआईआर इनके खिलाफ दर्ज की गई है। सेक्टर-2 बल्लभगढ़ निवासी कारोबारी मोहित गोयल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह ट्रेडिंग कंपनी चलाते हैं और चीनी व घी के थोक विक्रेता हैं। आरोप है कि साल 2014 में बल्लभगढ़ मार्केट में इनके कई पहचान वालों ने एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल के पास रुपये निवेश किए जिन्हें अच्छा मुनाफा मिल रहा था।
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वो भी उनकी बातों में आ गए। 2014 में उनकी मुलाकात अनिल जिंदल से हुई। अनिल जिंदल ने निवेश रकम के बदले मुनाफा या अपनी कंपनी की ओर से बनाए गए जा रहे फ्लैट या मंझावली गांव में बनाए जा रहे फॉर्म हाउस देने का झांसा दिया। शिकायतकर्ता ने 5.05 करोड़ रुपये अनिल जिंदल के कहने पर ट्रस्टवर्थी जेम्स एंड ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इस कंपनी के निदेशक सोनू गोयल व सागर हैं। कंपनी एसआरएस ग्रुप की सिस्टर कंसर्न कंपनी है।
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19 अगस्त 2015 को रुपयों की जरूरत पड़ने पर उन्होंने1.60 करोड़ रुपये वापस ले लिए। 3.45 करोड़ का निवेश बच गया। शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ समय तक तो रिटर्न मिला। बाद में अपने रुपये व रिटर्न मांगे तो भरोसा दिलाया गया कि 16 फ्लैट व फॉर्म हाउस दिए जाएंगे। बाद में अनिल जिंदल व अन्य जेल चले गए तो उनकी तारीख पर पेशी के दौरान वह आरोपियों से मिले। आरोपियों ने भरोसा दिया कि जमानत पर आने के बाद वे रुपये लौटा देंगे। दिसंबर 2024 में अनिल जिंदल के जमानत पर आने के बाद उसके ऑफिस गए तो बाउंसरों ने मिलने तक नहीं दिया और जान से मारने की धमकी दी। परेशान होकर उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। अब सेक्टर-31 थाना में साजिश के तहत ठगी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
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