फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (पीएमसी) फेल साबित हुई है। यह एजेंसियां अपने तीन साल के कार्यकाल के दौरान स्मार्ट शौचालयों तक चालू नहीं कर पाई। काम में लापरवाही बरतने पर बोर्ड ऑफ डायरेक्ट कमेटी ने तीन एजेंसियों को काम से हटा दिया। सूत्रों के अनुसार इन पर करीब तीन करोड़ रुपये का जुर्माना भी ठोका गया है। अब इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की नई एजेंसी टेलीकम्यूनिकेशन कंसल्टेंट ऑफ इंडिया देखेगी।
केंद्र सरकार के स्मार्ट सिटी मिशन के तहत करीब तीन साल पहले पीएमसी का प्रावधान किया गया था जिससे स्मार्ट सिटी के कामकाज तेजी से पूरा किया जा सके। प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंपनी स्मार्ट सिटी के तहत होने वाले हर काम पर नजर रखती है। साथ ही उन्हें पूर्ण रूप से लागू करवाने में अहम भूमिका निभाती है। वर्ष 2017 में शहर को स्मार्ट बनाने के लिए फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड (एफएसएसएल) ने इसकी जिम्मेदारी तीन अलग-अलग निजी एजेंसियों को सौंपी थी। इन एजेंसियों के पांच साल में पांच सौ करोड़ रुपये के कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था।
सूत्रों के अनुसार तीनों एजेंसियों काम को ठीक से पूरा नहीं कर पाई। करीब तीन साल पहले शहर में जगह-जगह कारोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए स्मार्ट शौचालय तक चालू नहीं कर सकी। पिछले दिनों हुई उच्च अधिकारियों की बोर्ड बैठक में हटाने का फैसला लिया गया।
पीएमसी के तहत स्मार्ट सिटी का काम देख रही तीनों एजेंसी को हटाया नहीं गया है। उनका कार्यकाल पूरा हो गया है। इसलिए उन्हें आगे का काम नहीं दिया। स्मार्ट सिटी मिशन के कई कामों में लापरवाही भी हुई। इसके लिए कमेटी बनाई गई जो जांच कर रही है। इन पर जुर्माना ुभी लगाया जाएगा और अधूरे कामों को पूरा भी करवाया जाएगा। - ललित अरोड़ा, तकनीकी सलाहकार, फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड