22 से 24 नवंबर तक पोलियो अभियान, पहले दिन घर-घर पहुंचेंगी स्वास्थ्य विभाग की टीमें
भारती दुबे
फरीदाबाद। जिले में बच्चों को पोलियो से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 22 से 24 नवंबर तक विशेष पोलियो अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत करीब साढ़े तीन लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पहले दिन 22 नवंबर को टीमें घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाएंगी।
इसके बाद 23 और 24 नवंबर को विभिन्न संस्थानों और निर्धारित केंद्रों पर बच्चों को खुराक दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य पांच वर्ष तक की उम्र के प्रत्येक बच्चे तक पहुंचना है, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक लेने से वंचित न रह जाए। इसके लिए अभिभावकों से भी अपील की जाएगी कि वे अपने बच्चों को निर्धारित दिनों में पोलियो की दवा अवश्य पिलवाएं। अभियान के दौरान स्वास्थ्यकर्मी घरों और संस्थानों में पहुंचकर बच्चों को दवा पिलाने का काम करेंगे। बीके अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशांत ने बताया कि पोलियो से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय बच्चों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पोलियो की खुराक दिलाना है।
2013 से जिले में नहीं मिला कोई मरीज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वर्ष 2013 से अब तक जिले में पोलियो का एक भी मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाना जरूरी है, क्योंकि बीमारी से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण और विशेष अभियान महत्वपूर्ण हैं।
नियमित टीकाकरण भी जरूरी
बच्चों को पोलियो से बचाने के लिए नियमित टीकाकरण भी कराया जाता है। जन्म के बाद निर्धारित समय पर पोलियो की खुराक और टीकाकरण कार्यक्रम के तहत इंजेक्शन दिए जाते हैं। ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-86 स्थित निजी अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. तौसीफ ने बताया कि लगभग डेढ़ महीने, साढ़े तीन महीने और नौ महीने की उम्र में निर्धारित टीके लगाए जाते हैं। टीकाकरण से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और गंभीर बीमारियों से बचाव में मदद मिलती है।
अभिभावकों से अपील है कि वे अभियान के दौरान पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक जरूर पिलवाएं। नियमित टीकाकरण के साथ अतिरिक्त खुराक बच्चों को पोलियो से सुरक्षित रखने के प्रयासों को मजबूत करती है।
- डॉ. रचना, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी