बिजली के खंभों व लाइनों को हटाने का एस्टीमेट अब तक जारी नहीं हो सका
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से को आपस में जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी कॉरिडोर परियोजना विभागीय तालमेल की कमी और प्रशासनिक सुस्ती के चलते अटकी पड़ी है। स्थिति यह है कि सिर्फ एक विभाग हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) की ओर से एस्टीमेट न मिलने के कारण परियोजना चार महीने से कागजों में ही अटकी है। पूर्वी-पश्चिमी कॉरिडोर का रूट गुरुग्राम मोड़ से सैनिक कॉलोनी, अनखीर चौक, बड़खल गांव और सेक्टर 28-29 रोड होते हुए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक जाएगा। इसमें बड़खल मोड़ से बड़खल गांव तक का हिस्सा एलिवेटेड रहेगा, जबकि बड़खल गांव से अंखीर चौक तक का रूट सामान्य रखा गया है।
फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने प्रोजेक्ट के रास्ते में आने वाली बाधाओं को हटाने के लिए 10 संबंधित विभागों से यूटिलिटी (सुविधाओं) शिफ्ट करने का एस्टीमेट मांगा था। इनमें से नौ विभागों ने तो अपने एस्टीमेट समय पर सौंप दिए, लेकिन एचवीपीएनएल की सुस्ती के चलते बिजली के खंभों व लाइनों को हटाने का एस्टीमेट अब तक जारी नहीं हो सका है। इसी लेटलतीफी के कारण पिछले चार महीने से प्रोजेक्ट की आगे की प्रक्रिया रुकी हुई है। अब एफएमडीए ने एचवीपीएनएल को सख्त पत्र जारी कर जल्द एस्टीमेट देने के निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि परियोजना पर धरातल पर काम शुरू करने से पहले मार्ग में आ रहीं विभिन्न सुविधाओं को हटाना अनिवार्य है। इसके लिए एफएमडीए ने बिजली निगम, नगर निगम, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी), स्मार्ट सिटी लिमिटेड, बीएसएनएल और अदाणी टोटल गैस सहित 10 विभागों को पत्र लिखा था। इन विभागों को अपनी संपत्तियों की जानकारी व शिफ्टिंग का खर्च बताना है, हालांकि इन्हें मौके से हटाने का कार्य प्राधिकरण खुद कराएगा।
848.78 करोड़ रुपये की आएगी लागत
परियोजना पर कुल 848.78 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस कनेक्टिविटी के तैयार हो जाने से कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) एक्सप्रेसवे और मंझावली पुल तक आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा। साथ ही एनआईटी, सूरजकुंड या गुरुग्राम की तरफ से आने-जाने वाले वाहन चालकों को पूर्वी-पश्चिमी फरीदाबाद की इस सीधी कनेक्टिविटी से भारी लाभ मिलेगा।
एचवीपीएनएल को पत्र लिखकर एस्टीमेट जल्द भेजने के लिए कहा गया है। एस्टीमेट आने के बाद जल्द ही काम को शुरू कर दिया जाएगा।
- केएस पठानिया, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए