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रोज बर्बाद हो रहीं 20 फीसदी वैक्सीन की डोज

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बल्लभगढ़। कोरोना की रोकथाम के लिए आयोजित वैक्सीनेशन कैंपों में काफी मात्रा में वैक्सीन बर्बाद हो रही हैं। बताया जा रहा है कि कैंप में कम लोगों के पहुंचने से करीब 20 फीसदी वैक्सीन खराब हो रही हैं, जिसने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। लिहाजा स्वास्थ्य विभाग अब वैक्सीन लगवाने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को पहुंचने की अपील कर रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अभी तक 29 लाख 17 हजार लोगों को कोरोना की रोकथाम के लिए वैैक्सीन लगाई जा चुकी हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग रोज दो सौ से अधिक कैंप लगाकर लोगों को वैक्सीन लगा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस समय जिले में लोगों को कोवैक्सीन व कोविशील्ड वैक्सीन लगाई जा रही है। सरकार द्वारा पहले जो कोवैक्सीन की शीशी दी जा रही थी, उसमें एक शीशी में 20 लोगों को वैक्सीन लगाई जाती थी। शुरुआत में जागरूकता कम होने के चलते लोग कम पहुंच रहे थे, इससे कोवैक्सीन की बर्बादी बढ़ गई थी इसलिए सरकार ने इस बर्बादी को थामने के लिए पांच से 10 लोगों को लगाने वाली शीशी की सप्लाई शुरू दी। इससे इसकी बर्बादी थम गई लेकिन अब ज्यादा से ज्यादा लोग वैक्सीन लगवा सकें, इसके तहत सरकार की ओर से फिर से 20 लोगों को वैक्सीन लगाने वाली शीशी की सप्लाई शुरू कर दी गई है। ऐसे में इसकी बर्बादी फिर से बढ़ने लगी है। अधिकारियों के अनुसार कोवैक्सीन की करीब 20 फीसदी डोज रोज बर्बाद हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोरोना की रोकथाम के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को कोरोना के टीके लगाए जाएं, इसलिए हर दिन दो सौ से अधिक कैंप लगाए जा रहे हैं। ऐसे में किसी कैंप पर अधिक लोग पहुंच रहे हैैं तो किसी पर कम लोग आ रहे हैं। ऐसे में वैक्सीन खराब भी हो रही हैं।
ये है कारण
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार कोवैक्सीन की एक शीशी में 20 डोज की दवाई रहती है। एक शीशी से 20 लोगों को टीके लगाए जाते हैं। शीशी के एक बार खुलने के बाद उसे चार घंटे में खत्म करना होता है। अगर ऐसा नहीं होता है तो डोज बेकार हो जाती है लेकिन कैंपों पर लोग काफी कम संख्या में पहुंच रहे हैं। ऐसे में रोजाना 20 फीसदी तक डोज खराब हो रही हैं। अधिकारियों के अनुसार कोविशील्ड की एक शीशी में 10 डोज रहती हैं, इसके चलते यह खराब नहीं हो रही है।
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कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए विभाग ने ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीका लगाने का अभियान चलाया है। हर जगह दोनों वैक्सीन उपलब्ध हैं लेकिन कैंप पर लोगों की संख्या कम होने से कोवैक्सीन की डोज ज्यादा खराब हो रही है। लोगों से अपील है कि कैंप पर ज्यादा से ज्यादा लोग पहुंचकर वैक्सीनेशन कराएं।
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- डॉ. मानसिंह, नोडल अधिकारी, वैक्सीनेशन
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