दवा की कमी से टला राष्ट्रीय कृमि उन्मूलन अभियान
फरीदाबाद। राष्ट्रीय कृमि उन्मूलन सप्ताह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों की कमी के कारण नहीं, बल्कि दवा की कमी के कारण शुरू नहीं हो सका। फरीदाबाद नहीं प्रदेश के छह जिलों गुरुग्राम, झज्जर, जींद, मेवात, करनाल, पानीपत में भी अल्बेंडाजोल दवा उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके कारण एक से 19 वर्ष तक के बाल एवं किशोरों को दवा नहीं खिलाई जा सकी। अब उम्मीद है कि इस सप्ताह सभी सात जिलों में दवा उपलब्ध हो जाएगी। ऐसे में 15 फरवरी से अभियान शुरू होने की उम्मीद है।
एनएचएम कर्मियों की हड़ताल के कारण माना जा रहा था कि इस कारण कृमि उन्मूलन अभियान शुरू नहीं हो सका। इसमें फरीदाबाद के एक से 19 वर्ष तक के 6.70 लाख बाल एवं किशोरों को कृमि उन्मूलन दवा नहीं दी जा सकी। जबकि प्रदेश के सात जिलों में दवा की कमी के कारण इस अभियान को धक्का लगा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुलशन अरोड़ा ने प्रोग्राम टलने का कारण दवा की कमी बताया है। उन्होंने बताया कि 8 फरवरी से शुरू होने वाले अभियान के लिए 7 फरवरी तक दवा स्टॉक उपलब्ध होने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा न हो सका। ऐसे में बिना दवा के अभियान शुरू नहीं किया जा सका। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सात जिलों फरीदाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, जींद, मेवात, करनाल, पानीपत में करीब 35 लाख टारगेट ग्रुप (लक्षित आयुवर्ग) दवा खाने से वंचित रह गया है।
केंद्र और राज्य स्तर पर दवा का इंतजाम किया जाता है। इसमें दवा का कुछ स्टॉक तय मानकों को पूरा नहीं कर सका। ऐसे में दवा को कुछ जिले में पहुंचाया ही नहीं गया।
उधर, शिक्षा विभाग इस पूरी प्रक्रिया से अंजान रहा। इस कारण स्कूलों में राष्ट्रीय कृमि दिवस मनाने के लिए निदेशालय स्तर से आदेश जारी कर दिए गए। हरियाणा स्कूल शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर विद्यार्थियों को दिए जाने वाला संदेश, पोस्टर कंटेट सहित अन्य जागरूकता माध्यमों को प्रसारित करने के आदेश दिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुलशन ने बताया कि निदेशालय से इसी सप्ताह दवा स्टॉक उपलब्ध कराने की बात कही गई है। दवा उपलब्ध होती है तो 15 फरवरी से कृमि उन्मूलन सप्ताह मनाया जाएगा।