पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा फरीदाबाद नगर निगम कमिश्नर अनिता यादव की गिरफ्तारी का आदेश देने पर कर्मचारियों ने इसका विरोध किया और हड़ताल घोषित की। हड़ताल के कारण गुरुवार को दिनभर नगर निगम का काम ठप रहा।
बता दें कि मामला 1994 में नगर निगम कर्मचारियों द्वारा किए गए हड़ताल से जुड़ा हुआ है। हड़ताल के दौरान नगर निगम ने अस्थाई तौर पर 117 कर्मचारियों की भर्ती की थी और हड़ताल खत्म होने पर इन्हें निकाल दिया गया था। फिर ये कर्मचारी कंज्युमर फोरम में चले गए और नगर निगम को पार्टी बनाया।
कंज्युमर फोरम ने इन कर्मचारियों को ड्यूटी पर रखने के आदेश जारी कर दिए, जिसके बाद लगभग 82 कर्मचारी ड्यूटी पर रख लिए गए। जो कर्मचारी बचे थे, उनके नाम और पिता के नाम, आयु कम थी। ये कर्मचारी जिला अदालत में चले गए। मामले पर सुनवाई करते के बाद अदालत ने निगम आयुक्त के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए।
नगर निगम के कर्मचारी इसी फैसले का विरोध करते हुए गुरुवार को हड़ताल पर रहे। इसके कारण निगम का काम काज भी दिन भर बाधित रहा।