आपने नकली दूध, नकली खोवा, मसाला और तेल का खेल तो सुना होगा लेकिन अब यह धंधा नकली रोडवेज तक पहुंच चुका है। सरेआम दो राज्यों की पुलिस और प्रशासन को चकमा देकर कुछ लोग नकली रोडवेज बसें चलाकर मोटी कमाई कर रहे थे।
कंडक्टरों की वर्दी से लेकर टिकट और उसे काटने का तरीका सबकुछ सरकारी था। ऐसी 10 बसों को गुड़गांव के आरटीए (सड़क परिवहन अथॉरिटी) ने जब्त किया है।
प्राइवेट बसों को सरकारी बस का रंग देकर जनता व प्रशासन के साथ ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। आरटीए ने छापेमारी कर दस नकली सरकारी बस जब्त कर छानबीन शुरू कर दी है।
शनिवार सुबह आरटीए के अभियान के दौरान ये खुलासा हुआ कि किस तरह से निजी बस चालक सरकार को चूना लगा रहे हैं। बताया जाता है कि निजी बस चालकों की ये करतूत काफी दिनों से चल रही थी और इससे प्रदेश सरकार के राजस्व को भी नुकसान हो रहा था। यह कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद की गई है।