पल्ला स्थित मंगल बाजार सब्जी मंडी में खुले हुए मेनहोल में गिरने से बृहस्पतिवार देर रात एक महिला और मददगार युवक की मौत हो गई। करीब 25 फिट गहरे मेनहोल में जहरीली गैस होने की वजह से शव निकालने में पुलिसकर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। हादसे से इलाके के लोगों में नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ रोष है।
छज्जन नगर तिलपत में रहने वाले महेश और उनकी पत्नी रेखा (28) ओल्ड फरीदाबाद स्थित एक गारमेंट्स फैक्ट्री में नौकरी करते हैं। बृहस्पतिवार रात करीब 8:30 बजे ड्यूटी खत्म होने के बाद दंपति कंपनी के क्रेच से तीन साल की बेटी अभिलाषा को लेकर घर लौट रहे थे।
पल्ला चौक पर ऑटो से उतरने के बाद दंपति मंगल बाजार मंडी से सब्जी खरीदने लगे। इस दौरान रेखा के पिता बारातीलाल का फोन आ गया। बेटी अभिलाषा को पति की गोद में देकर रेखा फोन पर बातें करते हुए टहलने लगी।
इस दौरान वह मंडी में खुले हुए मेनहोल में जा गिरी। उसके गिरते ही आस पास के दुकानदारों ने शोर मचाया। उसी समय उधर से गुजर रहा लक्ष्मण निवासी हरकेश नगर आदर्श कॉलोनी पल्ला ने शोर सुना तो वह मदद के लिए आगे बढ़ा।
करीब 25 फिट गहरे मेनहोल में उतरने के लिए दुकानदारों ने रस्सी का इंतजाम किया। लक्ष्मण छह सात फिट नीचे ही उतर पाया था कि उसके हाथ से रस्सी छूट गई और वह भी नीचे गिर पड़ा। इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस को फोन कर दिया।
मोबाइल फोन बना रेखा के साथ हुए हादसे की वजह
विलाप करते महिला के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के आने से पहले एक अन्य युवक दोनों को बाहर निकालने के लिए नीचे जाने को तैयार हुआ। तीन चार फिट उतरते ही वह बाहर आया और बेहोश हो गया। होश आने पर उसने बताया कि नीचे जहरीली गैस की वजह से उसका दम घुटने लगा था।
जिस पर वह बाहर आ गया। उधर, मौके पर पहुंची पुलिस ने सीढ़ी लगाकर काफी मुश्किल के बाद दोनों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। महेश मूलरूप से जालौन (यूपी) के जिरवा गांव का रहने वाला है और पिछले छह साल से यहां पत्नी के साथ रह रहा था। लक्ष्मण यहां रंगाई पुताई का काम करता था।
वह मूलरूप से गांव नारायणपुर जिला सीवान बिहार का रहने वाला था। यहां बड़े भाई कन्हैया के साथ हरकेश नगर में पिछले सात साल से रह रहा था। एसएचओ भूपानी थाना इंस्पेक्टर हेमंत ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को साैंप दिए गए हैं।
मोबाइल फोन बना हादसे की वजह
मोबाइल फोन पर बात करते समय लापरवाही हादसे की वजह बनती है। रेखा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह मेनहोल कई सप्ताह से ऐसे ही खुला पड़ा है।सड़क से दूर होने और कोई दुकान नहीं लगने की वजह से लोग उधर नहीं जाते हैं। कॉल आने पर रेखा पिता से बात करते हुए शोर से बचने के लिए उधर चली गई और हादसे का शिकार हो गई। रेखा के सिर में गंभीर चोटें आई थीं।
मेनहोल में उतरने पर जहरीली गैस की चपेट में आया लक्ष्मण
मेनहोल
- फोटो : अमर उजाला
बचाने में गंवाई खुद की जान
ड्यूटी से लौट रहा लक्ष्मण महिला की जान बचाने के जज्बे से मेनहोल में उतर तो गया लेकिन जहरीली गैस की चपेट में आकर सुध-बुध खो बैठा। बेहोशी छाने से रस्सी भी हाथ से छूट गई और वह भी नीचे जा गिरा।
भाई कन्हैया ने बताया कि पेंटिंग का काम करने वाला लक्ष्मण खतरनाक जगहों पर काम करने का आदी था इसलिए उसे तंग जगहों पर ऊंचाई या गहराई में उतरने से डर नहीं लगता है। शायद यही वजह है कि वह गहरे अंधेरे मेनहोल में भी उतरने में नहीं घबराया।
चार मासूमों के सिर से उठा पिता का साया
लक्ष्मण की मौत की खबर पहुंचते ही घर पर कोहराम मच गया। पत्नी सीमा बेहोश हो गई। कन्हैया ने बताया कि लक्ष्मण के चार बेटियां हैं। बड़ी बेटी 10 साल की और सबसे छोटी चार साल की है।
घरों में रंगाई-पुताई का काम करने वाला लक्ष्मण बड़ी मुश्किल से परिवार चला रहा था। उसकी मौत से परिवार पर भरण-पोषण का संकट आ गया है। पति की मौत से टूट चुकी पत्नी बार बार यही कह रही थी कि अब किसके सहारे जिऊंगी, इन बच्चों को अकेले कैसे संभालूंगी।