इमेनुएल पांच दिसंबर 2021 को भारत आया था। पुलिस जांच में इमेनुएल के ग्रेटर नोएडा में पहले पकड़े जा चुके ड्रग्स के पुराने गिरोह से जुड़े होने की पुष्टि हुई है। इसी वर्ष नवंबर में इमेनुएल का छात्र वीजा समाप्त होने वाला है। वहीं बरामद एमडीएमए (भारत में पूर्णता प्रतिबंधित इफेड्रिन) का सैंपल लेकर पुलिस ने जांच के लिए गुजरात की लैब में भेज दिया है।
अहम है कि बृहस्पतिवार को पुलिस ने ओमिक्रॉन- स्थित एक मकान में छापा मारकर वहां से 26.7 किलो एमडीएमए (मैथा) और कच्चा माल बरामद किया था। जिसकी कीमत करीब 150 करोड़ रुपये आंकी गई थी। मामले में इमेनुएल सहित चार नाइजीरियाई गिरफ्तार किए थे।
चारों के पास था नाइजीरिया का सिम
आरोपियों से जो मोबाइल मिले हैं उनके सिम कार्ड नाइजीरिया के ही हैं। बताया जाता है कि भारतीय जांच एजेंसियों से बचने के लिए आरोपियों ने स्थानीय सिम कार्ड नहीं लिया था। चारों के सिम कार्ड में मिले ज्यादातर नंबर नाइजीरिया, घाना समेत अन्य अफ्रीकी देशों के हैं। इनमें से अधिकांश नंबर सक्रिय हैं। पुलिस फिलहाल कॉल डिटेल खंगालने के साथ ही मोबाइल से डिलीट किए गए डाटा की जांच में जुटी है।
पुणे में मिले 3600 करोड़ की ड्रग्स मामले से जुड़े तार
तीन दिन पहले पुणे में 3600 करोड़ रुपये की ड्रग्स पकड़ी गई थी। वहां भी नाईजीरिया के नागरिकों की भूमिका सामने आई है। इसके बाद जांच एजेंसियां ग्रेटर नोएडा में पकड़े ड्रग्स के आरोपियों के उनके साथ संबंधों की पड़ताल में जुट गई हैं।
आरोपियों से मिले सिम कार्ड सहित अन्य पहलुओं पर अभी जांच जारी है। कुछ सुराग मिले हैं कुछ और मिल सकते हैं। आरोपियों से जुड़े लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। -साद मियां खान, डीसीपी, ग्रेटर नोएडा