दिल्ली को इलेक्ट्रिक वाहनों(ईवी)की राजधानी बनाने की दिशा में केजरीवाल सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत अगले तीन महीने के भीतर दिल्ली के सभी सरकारी दफ्तरों में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। सरकारी कर्मियों सहित अपने काम के सिलसिले में पहुंचने वाले नागरिकों के ई-वाहनों के लिए यहां चार्जिंग की सुविधा होगी। सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इसमें सभी विभागों को जगह की पहचान के बाद चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए डिस्कॉम(बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनियां) के पैनल में शामिल वेंडर के जरिए ईवी चार्जिंग स्टेशन लगवाने पर प्रत्येक चाजिंग पॉइंट पर छह हजार रुपये की सब्सिडी मिलेगी। डिस्कॉम के साथ मिलकर परिवहन विभाग ने सिंगल विंडो प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। इससे डिस्कॉम के पैनल वाले विक्रेताओं से रियायती दर पर ईवी चार्जर लगाए जा सकेंगे। सरकार ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना करने को कहा है।
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सपने को साकार करने के लिए दिल्ली में तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। सरकार के इस फैसले से सरकारी अधिकारी-कर्मचारी भी इलेक्ट्रिक वाहनों से दफ्तर आने के लिए प्रेरित होंगे।
पिछले साल की आखिरी तिमाही में 9.2 फीसदी ई-वाहनों की हुई बिक्री
दिल्ली में सितंबर से नवंबर, 2021 के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों ने बिक्री के मामले में सीएनजी और डीजल वाहनों को पीछे छोड़ दिया है। इस दौरान कुल वाहनों में 9.2 फीसदी ई वाहन हैं जबकि राष्ट्रीय औसत 1.6 फीसदी है। सीएनजी वाहनों की बिक्री नवंबर में 6.5 फीसदी रह गई है। इस दौरान कुल 9,540 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई। इसमें से सितंबर में 2,873, अक्तूबर में 3,275 जबकि नवंबर में 3,392 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई। पेट्रोल के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री दूसरे स्थान पर पहुंच गई है।
ईवी नीति को देश भर में प्रगतिशील नीति के रूप में किया गया स्वीकार
दिल्ली सरकार ने दिल्ली में ई वाहनों को बढ़ावा देने के लिए अगस्त 2020 में दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति की घोषणा की। इसे पूरे देश भर में सबसे प्रगतिशील नीति के रूप में स्वीकार किया गया है। दिल्ली सभी तरह के ई वाहनों के लिए रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में पूर्ण छूट देने वाला पहला राज्य है। पात्रता मानदंड को सरल बनाया गया है ताकि लोगों को सब्सिडी का लाभ आासानी से मिल सके। 2024 तक सभी नए वाहन पंजीकरण में 25 फीसदी इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी का लक्ष्य है।