कोर्ट ने भेजा था पांच दिन की रिमांड पर
गिरफ्तार राज्यसभा सांसद संजय सिंह को 10 अक्तूबर तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेजा गया था। मामले में ईडी ने 10 दिन की कस्टडी मांगी थी। हालांकि कोर्ट ने सुनवाई के दौरान ईडी के समक्ष कई सवाल उठाए और इसके बाद सिर्फ पांच दिन की रिमांड दी।
ईडी ने रखी थी कोर्ट में ये दलीलें
बीते गुरुवार को राउज एवन्यू कोर्ट में विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल के समक्ष संजय सिंह को कड़ी सुरक्षा में पेश किया गया था। ईडी ने संजय सिंह की 10 दिन की रिमांड मांगते हुए कहा था कि वह मामले में पूरी तरह से लिप्त हैं। ईडी के वकील ने कहा था कि संजय के घर से कई दस्तावेज बरामद हुए हैं। गवाहों और अन्य आरोपियों से आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने के लिए 10 दिन की रिमांड स्वीकार की जाए। अदालत ने ईडी से सवाल किया कि मामला काफी पुराना है और यदि आपके पास साक्ष्य थे तो गिरफ्तारी में इतनी देरी क्यों हुई।
अदालत ने ईडी से सवाल पूछा था क्या आपने फोन कब्जे में ले लिया? ईडी के वकील के हां में जवाब देने पर अदालत ने कहा था कि जब फोन आपके पास है तो फिर इसमें आरोपी के साथ इसका आमना-सामना कराने की क्या जरूरत बचती है? आप डेटा वैसे भी निकाल सकते हैं। सबूत है तो गिरफ्तारी में देरी क्यों। ईडी के वकील ने कहा कि गवाहों के बयानों के आधार पर गिरफ्तारी हुई है। गवाहों के बयान अभी हुए हैं वे सरकारी गवाह बने हैं। गवाह दिनेश अरोड़ा, संजय सिंह के करीबी हैं। ईडी ने मामले में 239 स्थानों पर छापा मारा है। आरोप है कि संजय के घर दो बार में दो करोड़ का लेनदेन हुआ। संजय के कर्मचारी सर्वेश ने पैसे लिए है। संजय सिंह के फोन से डेटा मिला है।