पहला स्टेटिक एंटी ड्रैग और दूसरा डायनेमिक एंटी ग्रैग सिस्टम होगा। स्टेटिक एंटी ड्रैग सिस्टम का सेंसर 0.5 मिलीमीटर तक की पतली चीजों को भी पकड़ने में सक्षम होगा, इसलिए मेट्रो के दरवाजों में पांच मिलीमीटर मोटाई की कोई भी चीज फंसने पर यह ट्रेन को प्लेटफार्म से आगे नहीं बढ़ने देगा और दरवाजे पर लगी लाइट ब्लिंक करने लगेगी।
वहीं डायनेमिक एंटी ग्रैग सिस्टम मेट्रो के गेट के बीच में 0.8 मिलीमीटर की पतली चीजें भी फंसने पर सक्रिय हो जाएगा। इससे मेट्रो के खुलने पर इमरजेंसी ब्रेक लगने से ट्रेन आगे नहीं बढ़ पाएगी, इसलिए मेट्रो के दरवाजों में रूमाल, साड़ी, बैग का फीता आदि फंसने पर एंटी ड्रैग सिस्टम का सेंसर यात्री की सुरक्षा के लिए अहम साबित होगा।
वर्तमान में 15 मिमी तक की पतली चीज फंसने पर गेट नहीं होते बंद
वर्तमान समय में मेट्रो के गेट में 15 मिलीमीटर तक की कोई चीज फंसने पर दरवाजे बंद नहीं होते हैं, लेकिन एंटी ड्रैग सिस्टम के लग जाने से 0.5 मिलीमीटर की पतली चीज फंसने पर भी गेट नहीं बंद होंगे, साथ ही मेट्रो भी आगे नहीं बढ़ेगी। गौरतलब है कि बीते वर्ष 14 दिसंबर को रेड लाइन के इंद्रलोक स्टेशन पर ट्रेन के गेट में एक महिला की साड़ी फंस गई थी। इस वजह से महिला ट्रेन के साथ कई मीटर तक घिसटती चली गई। इस वजह से गंभीर चोट लगने के कारण अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी।