आर्थिक अपराध शाखा(ईओडब्ल्यू)रोहिणी जेल में बैठकर कारोबारी से रंगदारी मांगने के मामले में रोहिणी जेल के दो अधिकारियों समेत तीन को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी सुकेश चंद्रशेखर से पूछताछ के बाद इन अधिकारियों के नामों का खुलासा हुआ था। ईओडब्ल्यू अब मनी ट्रेल(रकम की लेन-देन के ट्रांजेक्शन) को लेकर जांच कर रही है।
ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार जेल अधिकारियों में डिप्टी सुपरिटेंडेंट सुभाष बत्रा और असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट डीएस मीणा शामिल हैं। डीएस मीणा को तो अन्य पांच जेल कर्मियों के साथ पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आठ अगस्त को रोहिणी जेल में बंद सुकेश चंदशेखर की बैरक में छापेमारी कर जेल से जबरन वसूली का धंधा चलाने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया था। इसके दो साथी भी गिरफ्तार किए गए थे। इससे रोहिणी जेल में हड़कंप मच गया था।
दस अगस्त को प्रशासन की तरफ से रोहिणी जेल के दो असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट, एक हेड वार्डन औ दो वार्डन समेत पांच कर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि जेल में बैठकर ही सुकेश ने कई कारोबारियों से 300 करोड़ रुपये ठग लिए थे। बाद में मामले की जांच स्पेशल सेल से आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई थी।
ईओडब्ल्यू ने जब ये कार्रवाई की है। ईओडब्ल्यू ने चंद्रशेखर द्वारा इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है। दोनों ही फोनों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। रिश्वत मामले में अप्रैल, 2017 में एक होटल से गिरफ्तार चंद्रशेखर को शुरूआत में तिहाड़ जेल में रखा गया था। सुकेश खुद को सरकारी अधिकारी बताकर एक बिजनेसमैन के खिलाफ चल रहे केस को सैटल कराने की बात करके पैसे ऐंठ रहा था। बिजनेसमैन की पत्नी ने स्पेशल सेल में शिकायत दर्ज कराई थी।