स्वतंत्रता दिवस पर पतंगबाजी के शौकीनों को बिजली कंपनी ने अगाह किया है। कहा है कि पतंगबाजी का शौंक रखने वाल बिजली प्रवाहित होने वाले जगहों से दूर पतंगबाजी करें नहीं तो जान को खतरा हो सकता है। इतना ही नहीं बिजली आपूर्ति भी बाधित हो सकती है और बिजली उपकरण भी क्षतिग्रस्त हो सकते है। बिजली वितरित करने वाली टाटा पॉवर व रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने अपील की है कि पतंगबाज बिजली के खंभों, तारों, ट्रांसफॉर्मरों और अन्य उपकरणों के आसपास पतंग नहीं उड़ाएं। पतंग उड़ाने के लिए मेटल-युक्त मांझे का प्रयोग नहीं करें। मेटैलिक मांझा न सिर्फ इलाके की बिजली गुल कर सकता है, बल्कि इससे पतंग उड़ाने वालों की जान को भी खतरा हो सकता है। मेटल-कोटेड मांझा जब बिजली की तारों व अन्य उपकरणों के संपर्क में आता है तो बिजली का करंट मैटेलिक मांझे से प्रवाहित होकर पतंग उड़ाने वाले व्यक्ति के शरीर तक पहुंच सकता है।
एक लाइन ट्रिप होने पर दस हजार घरों में छा जाता है अंधेरा
उल्लेखनीय है कि अगर 66/33 केवी की सिर्फ एक लाइन ट्रिप होती है तो 10 हजार से अधिक लोगों के घरों में अंधेरा छा सकता है। 11 केवी की एक लाइन ट्रिप होने पर 2500 से अधिक लोगों की बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है।
कानून जुर्म भी है
बिजली आपूर्ति में बाधा पहुंचाना और बिजली के उपकरणों को क्षतिग्रस्त करना कानूनन जुर्म है। इसके लिए इलेक्ट्रिसिटी ऐक्ट और दिल्ली पुलिस ऐक्ट के तहत सजा का भी प्रावधान है।
बिजली वितरण करने वाली कंपनी के ओएंड टीमों को हाईअलर्ट पर रखा है। टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कहीं पतंगबाजी की वजह से ट्रिंपिंग होती है, तो घटनास्थल पर तुरंत पहुंचकर, इलाके में जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था बहाल की जाए।
कैंपेन भी शुरू किया गया
टाटा पॉवर ने एफएम रेडियो कैंपेन और स्कूलों के सहयोग से चलाए जा रहे ऑनलाइन सेशन के जरिए आम जनता और बच्चों को समझा रहा है। पंतग उड़ाते समय क्या करें और क्या न करें वाली एडवाइजरी भी जारी की है। यह भी कहा है कि मांझे के इस्तेमाल से मनुष्यों, पक्षियों और दूसरे जानवरों की जान को खतरा हो सकता है। सरकार ने वर्ष 2017 से इस मांझे पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकारी आदेश के अनुसार केवल बिना धातु वाले सूती धागे से ही पतंग उड़ा सकते हैं।। उपभोक्ता किसी दुर्घटना या आकस्मिक घटना के बारे में कंपनी के 2437 टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 19124 जारी किया है।