दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी मनोज सिंह के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान पुणे, महाराष्ट्र निवासी आशीष कुकरेती (25) के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि वसंतकुंज (साउथ) निवासी एक युवती ने एनसीआरपी पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। युवती ने अपनी शिकायत में कहा था कि आरुष डोबिरियाल ने 25 अप्रैल को जीवनसाथी मेट्रिमोनियल एप पर उससे संपर्क किया। दोनों के बीच बातचीत होने लगी। वह दोस्त बनकर व्हाटसएप पर चैटिंग करने लगे। आरोपी ने खुद को आईटीबीपी में असिस्टेंट कमांडेंट बताया। आरोपी ने एक दिन परिवार में मेडिकल इमरजेंसी के बहाने कर युवती से कई हजार रुपये उधार ले लिए। इसके बाद उसने भाई व मां की मौत होने की बात कहकर अस्पताल से शवों को घर ले जाने के लिए पैसे मांगे। इस तरह पीड़ित ने उसके पीएनबी बैंक के एक एकाउंट में बारह लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। उसे लगा की आरोपी पैसे लौटा देगा।
मामला दर्जकर एसआई देवेंद्र कुमार व हवलदार विकास की टीम ने जांच शुरू की। एसआई देवेंद्र कुमार को शुरूआती जांच में पता लगा कि आरोपी ने जीवनसाथी मेट्रिमोनियल साइट पर पांच फर्जी प्रोफाइल बना रखी हैं। सबमें नाम व तस्वीर अलग थीं, लेकिन सभी में मोबाइल नंबर एक ही है। आखिरकार एसआई देवेंद्र कुमार की टीम ने जांच के बाद आरोपी आशीष कुकरेती को पुणे, महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया। शुरूआती जांच में पता लगा कि आरोपी छह से ज्यादा युवतियों के साथ ठगी कर चुका है। मोहन गार्डन थाने में भी आरोपी के खिलाफ ठगी का एक मामला दर्ज है।