दिल्ली में आनंद विहार से अप्सरा बॉर्डर तक 4.5 किमी लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इसके अलावा पंजाबी बाग-राजा गार्डन के बीच भी 3.5 किमी लंबा फ्लाईओवर बनेगा। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता में व्यय वित्त समित की बैठक में यह फैसले लिए गए।
दिल्ली सरकार पूर्वी दिल्ली में गाजीपुर से अप्सरा बॉर्डर को जोड़ने वाली रोड नंबर-56 सिग्नल फ्री करने की योजना पर काम कर रही है। वाहनों के भारी दबाव वाली इस सड़क के करीब 4.5 किमी लंबे आईएसबीटी आनंद विहार-अप्सरा बॉर्डर के बीच के हिस्से में 6 लेने फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इससे सड़क दोहरी होगी और फर्राटे के साथ वाहन निकल सकेंगे।
विज्ञापन
इसके लिए दिल्ली सरकार ने करीब 372 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। वहीं, पश्चिमी दिल्ली में पंजाबी बाग और राजा गार्डन के बीच करीब 3.50 किमी लंबा फ्लाईओवर बनेगा। रिंग रोड पर बनने वाले इस फ्लाईओवर के लिए भी सरकार ने 352 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता में व्यय वित्त समित की बैठक में यह फैसले लिए गए।
आईएसबीटी आनंद विहार का विकास मेगा ट्रांसपोर्ट हब के तौर पर हो रहा है। सार्वजनिक परिवहन के सभी माध्यम यहां मिलते हैं। रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन के साथ अंतरराज्यीय बस अड्डा होने से दिल्ली-गाजियाबाद के बीच इस सड़क पर वाहनों का दबाव ज्यादा रहता है।
विज्ञापन
वहीं, आने वाले समय में रैपिड रेल के भी इस प्वाइंट से जुड़ने के बाद यात्रियों की संख्या में और बढ़ोतरी होगी। इसको ध्यान में रखकर दिल्ली सरकार ने रोड नंबर-56 के करीब 4.50 किमी हिस्से का दो मंजिला बनाने की योजना बनाई है।
पंजाबी बाग-राजा गार्डन के बीच आवाजाही होगी बेहतर
रिंग रोड के पंजाबी बाग फ्लाईओवर और राजा गार्डन फ्लाईओवर के बीच के हिस्से पर वाहनों का दबाव ज्यादा रहता है। क्योंकि रोहतक रोड होते हुए हरियाणा तक वाहन निकलते हैं। साथ ही उत्तरी दिल्ली को दक्षिणी दिल्ली, गुरुग्राम व एनसीआर के अन्य हिस्से से जोड़ने वाला अहम रास्ता भी यही है।
फिलहाल यहां मौजूद वन-वे फ्लाईओवर और कम क्षमता वाले चौराहे यातायात भार के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे जाम की समस्याहोती है। इस कॉरिडोर के निर्माण से मौजूदा रोड का ट्रैफिक एलिवेटेड रोड पर शिफ्ट हो जाएगा। इससे रोजाना दिल्ली एनसीआर के लाखों लोगों को फायदा होगा।
कहां बनेगा नया फ्लाईओवर
नया फ्लाईओवर आनंद विहार रेलवे ओवर ब्रिज के पास से शुरू होगा। आगे रामप्रस्थ और सूर्य नगर के सिग्नल से होता हुआ अप्सरा बॉर्डर के रेलवे ओवर ब्रिज पर जाकर खत्म होगा। इससे आनंद विहार से अप्सरा बॉर्डर तक पूरी सड़क दोहरी हो जाएगी। छह लेन एलीवेटेड फ्लाईओवर से सीधा ट्रैफिक गुजरेगा। इससे सड़क पर वाहनों का दबाव कम होगा। वहीं, सड़क के बीच में आने वाले दो सिग्नल भी हट जाएंगे।
आनंद विहार से-अप्सरा बॉर्डर के बीच फ्लाईओवर की खासियत
-372 करोड़ की लागत से 6 लेन के फ्लाईओवर का निर्माण
गाजियाबाद व दिल्ली को बांटने वाली सड़क पर वाहनों को भारी दबाव कम होगा।
लोगों को फ्लाईओवर से सीधी कनेक्टिविटी मिले, इसके लिए बनेंगे रैंप।
आनंद विहार रेलवे ओवर ब्रिज के नजदीक से फ्लाईओवर की होगी शुरुआत, अप्सरा बॉर्डर रेलवे ओवर ब्रिज पर होगा खत्म।
दिल्ली के साथ साहिबाबाद, सूर्य नगर, रामप्रस्थ, शालीमार गार्डन समेत गाजियाबाद की कई कालोनियों के लोगों को होगा फायदा।
फ्लाईओवर के साथ ही साइकिल लेन व मल्टी-यूटिलिटी जोन का भी किया जाएगा निर्माण।
फ्लाईओवर का इस्तेमाल करने वाले लोगों को मिलेगी 2 सिग्नल से निजात। फर्राटे से निकलेंगे वाहन।
ईएसआई हॉस्पिटल से पंजाबी बाग क्लब रोड तक 6 लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण।
पंजाबी बाग क्लब रोड के मौजूदा 2 लेन वाले वन-वे फ्लाईओवर की क्षमता 6 लेन की जाएगी। दोनों तरफ से गुजरेंगे वाहन।
मोती नगर के मौजूदा 2 लेन वाले वन-वे फ्लाईओवर की क्षमता भी होगी 6 लेन। दोनों तरफ से गुजरेंगे वाहन।
ईएसआई हॉस्पिटल के पास मौजूदा सब-वे रैंप को कैरिज्वे के दोनों ओर सर्विस रोड की ओर स्थानांतरित करना।
आरसीसी ड्रेन, फूटपाथ, मौजूदा रोड का सुदृढ़ीकरण व आर्ट-वर्क का भी होगा काम।