दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि हम अपने डेटा का विश्लेषण कर रहे हैं, इससे पता चलता है कि दिल्ली में पीएम 10- धूल प्रदूषण - कम हो रहा है। पूरी दिल्ली में धूल विरोधी अभियान चलाया गया है और सभी क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इसलिए, पीएम 10 कम हो रहा है लेकिन पीएम 2.5 बढ़ रहा है। वाहनों से होने वाला प्रदूषण और बाहर बायोमास जलाने से होने वाला प्रदूषण इसमें प्रमुख भूमिका निभाता है। इसे ध्यान में रखते हुए, हमने तैयारियों के संबंध में दिल्ली सचिवालय में एक बैठक बुलाई है। जन जागरूकता अभियान - 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' जो 26 अक्टूबर से शुरू किया जाएगा।
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि मुझे लगता है कि तुलनात्मक रूप से, इस बार दशहरा के दौरान कम संख्या में पटाखे फोड़े गए। मैं एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर में राज्यों से (पटाखों पर) प्रतिबंध लगाने का अनुरोध करना चाहूंगा क्योंकि इससे अपने राज्यों में लोगों के लिए यह आसानी से उपलब्ध है। मुझे लगता है कि अगर एनसीआर राज्य भी इस पर प्रतिबंध लगाते हैं, तो इसका दिल्ली पर बेहतर प्रभाव पड़ेगा।
वहीं, पराली जलाने पर आप मंत्री गोपाल राय का ने कहा कि पराली जलाई जा रही है लेकिन अभी ऐसे मामलों की संख्या कम है। लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि 30 अक्टूबर के आसपास ये मामले बढ़ेंगे। देखना होगा कि ये किस तरह के होते हैं पंजाब में उठाए गए कदमों का कितना असर हुआ है।