दिल्ली में ग्रैप का तीसरा चरण लागू होने के साथ साथ पहले और दूसरे चरण की पाबंदियां भी लागू हैं। प्रदूषण कम होने के बाद भी दिल्ली-एनसीआर की हवा अगले तीन दिन बेहद खराब रहने की संभावना है।
दिल्ली में प्रदूषण कम होने के बावजूद हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 347 दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा में सूचकांक सर्वाधिक 350 जबकि गाजियाबाद में न्यूनतम 281 दर्ज किया गया। एनसीआर के दूसरे शहरों में भी हवा खराब या बेहद खराब रही।
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दिल्ली में ग्रैप का तीसरा चरण लागू होने के साथ साथ पहले और दूसरे चरण की पाबंदियां भी लागू हैं। प्रदूषण कम होने के बाद भी दिल्ली-एनसीआर की हवा अगले तीन दिन बेहद खराब रहने की संभावना है।
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक एक्यूआई बेहद खराब रही और न्यूनतम तापमान में गिरावट से सुबह के वक्त कोहरा की आशंका है। दोपहर में स्थानीय हवा, अधिकतम तापमान और आद्रता के साथ एक्यूआई में उतारा चढ़ाव होने की संभावना है। हवा की गति मध्यम होने की वजह से प्रदूषकों का कम फैलाव होने से अगले तीन दिनों तक हवा बेहद खराब श्रेणी में रहने की संभावना है।