बीईएमएल को 80 कोच देने हैं। इसमें से दो कोच शास्त्री पार्क डिपो पहुंच चुके हैं। जबकि बॉम्बार्डियर से 40 कोच का करार हुआ है। कंपनी ने भी सप्लाई शुरू कर दी है। मेक इन इंडिया के तहत सभी कोच का निर्माण भारत में किया जा रहा है। इससे दिल्ली मेट्रो को सालाना करोड़ों की बचत भी हो रही है।
तीन मेट्रो लाइनों पर जुड़ रहे हैं 120 कोच
. येलो लाइन पर 12 ट्रेनों में 24 नए कोच शामिल किए जा रहे हैं।
. ब्लू लाइन पर 6 कोच वाली नौ ट्रेन में जुड़ेंगे 18 कोच।
. रेड लाइन पर आएंगे 78 नए कोच। सभी ट्रनों में लगेंगे आठ कोच।
. पहले अक्टूबर 2021 के अंत तक सभी 120 कोच की डिलीवरी होने की थी। कोविड की वजह से देरी।
336 मेट्रो ट्रेन सेट हैं बेड़े में
. मेट्रो की सभी लाइनों पर कुल 336 ट्रेन चल रही हैं।
. इसमें से ज्यादातर छह और आठ कोच की हैं। जबकि रेड लाइन पर चार कोच की कुछ ट्रेन थीं।
. ब्लू लाइन पर कुल 74 ट्रेनें, येलो लाइन पर 64 ट्रेनें और रेड लाइन पर 39 ट्रेनें चलती हैं।
. तीनों लाइनें पर कोरोना काल से पहले रोजाना करीब 20 लाख यात्री सफर करते थे।
. फेज-4 कॉरिडोर के लिए 288 कोच शामिल होने हैं।
. चौथा चरण पूरा होने के बाद मेट्रो के बेड़े में होंगे 2,494 कोच।