लंबे समय से मेट्रो और बसों में 50 फीसदी क्षमता के साथ सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिल सकती है। अनलॉक-6 तक अलग अलग गतिविधियों में छूट दी गई, लेकिन सार्वजनिक परिवहन के लिए रियायत नहीं मिली है। इस कारण मेट्रो स्टेशनों और बस स्टॉप पर यात्रियों को रोजाना लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार शाम के वक्त राजीव चौक पर भीड़ बढ़ने से यात्रियों को 30 मिनट का इंतजार करना पड़ा।
सार्वजनिक परिवहन में छूट न मिलने से रोजाना यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मेट्रो में बृहस्पतिवार सुबह से ही मेट्रो में यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी। किसान संसद के लिए कुछ जगहों पर ट्रैफिक के रूट बदलने का असर भी मेट्रो पर दिखा। परिवहन विभाग की ओर से इस दिशा में प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है ताकि यात्रियों को सफर में राहत मिल सके।
फिलहाल बसों और मेट्रो में 50 फीसदी क्षमता से यात्रियों को सफर की इजाजत है। इसके तहत बसों में 17 जबकि मेट्रो की एक कोच में 25 यात्री सफर कर सकते हैं। पिछले महीने दिल्ली मेट्रो ने भी खड़े होकर यात्रियों को सफर करने की इजाजत मांगी थी ताकि राहत मिल सके। सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं में अगर छूट मिलती है तो यात्रियों की परेशानियां कम हो सकती हैं।
मेट्रो स्टेशन पर बढ़ाई सुरक्षा
नई दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। मेट्रो पुलिस ने नई दिल्ली क्षेत्र में किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पहले ही सात मेट्रो स्टेशनों को किसी भी वक्त बंद करने की बात कही थी। इस दौरान नई दिल्ली सहित कई और मेट्रो स्टेशनों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई थी। किसानों को जंतर मंतर से बाहर कहीं और जाने की इजाजत न होने की वजह से मेट्रो स्टेशनों पर बृहस्पतिवार को इसका असर नहीं दिखा।