दिल्ली की अदालत ने एक ऐसे व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया है, जिसने फर्जी आधार कार्ड दिखाकर लड़की से शादी करने के लिए खुद को हिंदू बताया था। आरोप है कि उसने लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन कराया और विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। वहीं अदालत ने फर्जी आधार कार्ड को देश के लिए खतरा बताते हुए पुलिस आयुक्त को मामले की विस्तृत जांच करवाने को कहा है।
मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शिकायतकर्ता लड़की के बयान पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं है कि उसने आरोपी से एक मंदिर में शादी की और फिर अपने बच्चे के भविष्य को सुरक्षित करने के दबाव में इस्लामी रीति के साथ दोबारा शादी की।
फर्जी आधार से ही एक अन्य महिला से भी किया विवाह
अदालत ने कहा कि पेश दस्तावेजों से स्पष्ट है कि आरोपी ने फर्जी आधार कार्ड के जरिए एक अन्य महिला से भी विवाह किया और मामले की जांच जारी है। अदालत ने कहा यदि आरोपी को जमानत प्रदान की गई तो वह साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने के अलावा गवाहों को भी प्रभावित कर सकता है।
अदालत ने दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना से मामले में आरोपों और प्रति-आरोपों के स्तर पर विचार करते हुए पुलिस की एक उपयुक्त शाखा या इकाई से करवाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) से जाली आधार कार्ड के संबंध में जानकारी प्राप्त करने में असमर्थ है।